
राजसमन्द। 24 मार्च। ग्राम पंचायत पसुन्द , इच्छाशक्ति अगर मजबूत हो, तो कोई भी बाधा राह नहीं रोक सकती। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है ग्राम पंचायत पसुन्द के प्रशासक अयन जोशी ने । पिछले दो वर्षों से पीने के पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे झालेटिया बस्ती और कोटा स्टोन बस्ती के निवासियों के लिए आज का दिन किसी उत्सव से कम नहीं था, जब उनके घरों के नलों से स्वच्छ और मीठा पानी बहने लगा।
बाधाओं को चीरकर पूरी हुई आस –
विदित रहे कि इन बस्तियों में लंबे समय से पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई थी। पूर्व में प्रशासक जोशी द्वारा बागेरी का पानी पहुँचाने का प्रयास किया गया था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों की निजी स्वार्थ और संकीर्ण मानसिकता के कारण पाइपलाइन कनेक्शन में अड़चनें पैदा की गईं। इससे ग्रामीणों को भारी निराशा हुई और पेयजल संकट बरकरार रहा।
नया कुआँ और नई पाइपलाइन: समस्या का स्थायी समाधान –
बस्ती वासियों ने हार न मानते हुए पुनः प्रशासक अयन जोशी से गुहार लगाई और हाईवे के नालों से अलग हटकर नई पाइपलाइन डालने का निवेदन किया। ग्रामीणों के दर्द को समझते हुए जोशी ने त्वरित संज्ञान लिया और एक ठोस कार्ययोजना बनाई:
नया निर्माण : तलाई कुआँ क्षेत्र में मीठे पानी के एक नए कुएँ की खुदाई करवाई गई।
नया नेटवर्क: तलाई कुआँ से पसुन्द श्मशान स्थित वाटर पंप हाउस तक पूरी तरह से नई पाइपलाइन बिछाई गई।
फिल्ट्रेशन और सप्लाई: कुएँ के पानी को पंप हाउस में स्टोर कर, उसे फिल्टर करने के बाद बस्ती की पानी की टंकी में पहुँचाया गया, जहाँ से अब घर-घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो रही है।
बस्ती में खुशी की लहर –
दो साल के लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद जब ग्रामीणों को मीठा पानी मिला, तो पूरी बस्ती में खुशी की लहर छा गई। ग्रामीणों ने उत्साह के साथ प्रशासक अयन जोशी का आभार व्यक्त किया। इस सफल प्रयास ने यह साबित कर दिया कि सामाजिक बाधाओं के बावजूद यदि नेतृत्वनिष्पक्ष और कर्मठ हो, तो विकास को रोका नहीं जा सकता।
प्रशासक अयन जोशी का ने बताया कि मेरा लक्ष्य राजनीति नहीं, बल्कि जनसेवा है। ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होते देखना पीड़ादायक था। मैंने केवल अपना कर्तव्य और फर्ज निभाया है। हर घर तक बुनियादी सुविधा पहुँचाना ही मेरी प्राथमिकता है।








