सोना-चांदी में बड़ी गिरावट: 12 दिन में गोल्ड ₹12,000 और सिल्वर ₹43,000 सस्ता, जानिए क्यों टूटे दाम

वैश्विक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता के बीच आमतौर पर सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट नजर आ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में युद्ध जैसे हालात, शेयर बाजारों में भारी गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद सोना और चांदी के दाम लगातार गिर रहे हैं। आमतौर पर जब दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतों में तेजी आती है। लेकिन इस बार इक्विटी बाजारों में आई भारी गिरावट के कारण निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। ऐसे में कई निवेशक नुकसान की भरपाई और नकदी की जरूरत पूरी करने के लिए सोने में मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे इसके दाम नीचे आ गए हैं।

12 दिन में 12,000 रुपये टूटा सोना

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर 2 मार्च को सोने का वायदा भाव कारोबार के दौरान 1,69,880 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। वहीं इस सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 13 मार्च को सोने की कीमत गिरकर 1,57,540 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गई। इस तरह केवल 12 दिनों के भीतर सोने की कीमत में करीब 12,340 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

चांदी में 43,000 रुपये की भारी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली है। MCX पर 2 मार्च को चांदी का वायदा भाव कारोबार के दौरान 2,97,799 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। हालांकि 13 मार्च को यह गिरकर 2,54,474 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। यानी महज 12 दिनों में चांदी की कीमत में करीब 43,325 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।

वैश्विक बाजार में भी दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी के भाव दबाव में रहे। COMEX पर सोना करीब 1.25 फीसदी गिरकर 5,061.70 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं गोल्ड स्पॉट लगभग 1.18 फीसदी गिरकर 5,019.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। उधर चांदी की कीमतों में और अधिक गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सिल्वर लगभग 4.44 फीसदी टूटकर 81.34 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई, जबकि सिल्वर स्पॉट करीब 3.88 फीसदी गिरकर 80.59 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।

आगे क्या रह सकता है रुख

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक शेयर बाजारों में अस्थिरता बनी रहती है और निवेशक नकदी की जरूरत के कारण मुनाफावसूली जारी रखते हैं तो सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि लंबे समय में सोना अभी भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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