राजनगर में उत्साह से मनाया गया धूलंडी का पर्व

धुलण्डी पर पारंपरिक ढूंढोत्सव भी हुए आयोजित,

एक वर्ष तक नवजात के 16 संस्कारों में से एक है ढूंढोत्सव,

होली के रंगों के साथ भक्ति गीतों पर भी खूब लगे ठुमके,

राजसमन्द । 4 मार्च ।  राजनगर में धुलण्डी का त्यौहार पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। युवाओं की टोलियां रंग उड़ाते हुए डीजे की धुनो पर नाचते नजर आए। वहीं पारंपारिक ढूंढोत्सव का भी आयोजन किया गया। हिन्दू परंपरानुसार एक वर्ष में पैदा हुए नवजात शिशुओं के लिए यह उत्सव महत्वपूर्ण माना जाता है। नवजात को बीच में बिठाकर उसके चारों तरफ लकड़ी के डंडों से आवाज की जाती है जिससे उसका शोर शराबे से सामना हो सके, ताकि उसका डर निकल जाए। इस दौरान महिलाएं भजन गाती है नवजात की मां को उससे दूर रखा जाता है। ताकि वह अकेले संघर्ष करना सीखें। इसके साथ विशेष खान-पान का भी आयोजन किया जाता है।

PRADEEP SOLANKI
Author: PRADEEP SOLANKI

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