जयपुर थाने में युवक की खुदकुशी से हंगामा: धरने पर बैठे परिजन, थानाधिकारी समेत 6 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

राजधानी जयपुर के सदर थाना क्षेत्र में हिरासत में लिए गए एक युवक की संदिग्ध हालत में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। शनिवार को युवक मनीष पांडे ने थाने में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली, जिसके बाद रविवार सुबह से ही परिजन सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग के साथ धरना अब राजनैतिक रंग ले चुका है।

मनीष पांडे की संदिग्ध मौत

जानकारी के अनुसार, बाइक चोरी के मामले में पुलिस हिरासत में लिए गए मनीष पांडे (निवासी – मांग्यावास, मूल रूप से उत्तर प्रदेश) ने शनिवार को थाने के एक कमरे में फांसी लगा ली। पुलिस का कहना है कि उसने तौलिए से फंदा बनाकर आत्महत्या की। हालांकि परिजनों का आरोप है कि पुलिस की प्रताड़ना के कारण मनीष ने यह कदम उठाया।

धरने पर बैठे परिजन, खाचरियावास ने दिया साथ

रविवार सुबह से ही मृतक के परिजन शव के पोस्टमार्टम से पहले कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास भी पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उनका समर्थन जताया। उन्होंने सरकार से लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की।

खाचरियावास ने एक्स (Twitter) पर लिखा:

“जयपुर सदर थाने में युवक मनीष पांडे, जो दो छोटी बच्चियों का पिता था, पुलिस की दहशत से तंग आकर आत्महत्या कर लेता है। ये गंभीर मामला है और सरकार को तुरंत एक्शन लेना चाहिए।”

पुलिस पर कार्रवाई, न्यायिक जांच के आदेश

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही थानाधिकारी, दो एसआई, दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

क्या हुआ था उस दिन – घटना की पूरी टाइमलाइन

दरअलस, मनीष पांडे को बाइक चोरी के आरोप में पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया गया था। थाने लाने के बाद उससे पूछताछ की गई जिसके बाद उसने थाने में मौजूद तौलिए से फांसी लगा ली। पता चलते कि पुलिस पहले मनीष को बनीपार्क सैटेलाइट हॉस्पिटल ले​ के ​गई जहां उसे SMS में ले जाया गया – जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। यूवक की मौत के बाद परिजनों ने इस मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए परिजन धरने पर बैठ गए।

सियासत और तनाव का माहौल

इस घटना ने पुलिस थानों में हो रही कार्यप्रणाली और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी जयपुर में तनाव का माहौल देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजनों की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की जाए और पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले। उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच हो। थानों में हिरासत की निगरानी और जवाबदेही तय हो।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment