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IND vs ENG 1st Test: डेब्यू में शतक जड़कर शुभमन गिल ने रचा इतिहास, बने चौथे भारतीय कप्तान जिन्होंने

हेडिंग्ले (इंग्लैंड)।
भारत और इंग्लैंड के बीच हेडिंग्ले में खेले जा रहे पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भारत के युवा कप्तान शुभमन गिल ने अपने बल्ले से इतिहास रच दिया। गिल ने बतौर कप्तान अपने डेब्यू टेस्ट में नाबाद 118 रन की शानदार पारी खेली और एक विशिष्ट क्लब में शामिल हो गए हैं। वह भारत के ऐसे चौथे टेस्ट कप्तान बन गए हैं जिन्होंने कप्तान के रूप में डेब्यू करते हुए शतक जड़ा हो। इस उपलब्धि के साथ शुभमन गिल ने विजय हजारे (1951), सुनील गावस्कर (1976) और विराट कोहली (2014) की श्रेणी में जगह बना ली है। महज 25 वर्ष की उम्र में गिल ने दिखा दिया कि वह भविष्य के नहीं, बल्कि वर्तमान भारतीय क्रिकेट के एक मजबूत स्तंभ हैं।


एशिया से बाहर पहला टेस्ट शतक

गिल का यह टेस्ट करियर का छठा शतक है, लेकिन एशिया के बाहर यह उनका पहला सैकड़ा है। इससे पहले उनका विदेश में सर्वश्रेष्ठ स्कोर 91 रन था, जो उन्होंने 2021 में ब्रिसबेन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था। अब उन्होंने उस रिकॉर्ड को पार करते हुए यह शतक हेडिंग्ले की चुनौतीपूर्ण पिच पर जड़ा है।


यशस्वी जायसवाल का भी दमदार प्रदर्शन

शुभमन गिल से पहले भारत को ठोस शुरुआत यशस्वी जायसवाल ने दिलाई, जिन्होंने शानदार शतक लगाया। केएल राहुल के साथ ओपनिंग करते हुए जायसवाल ने आक्रामक अंदाज में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों का डटकर सामना किया। दोनों सलामी बल्लेबाज़ों की साझेदारी ने भारत को पहला दिन पूरी तरह से अपने नाम करने का मौका दिया।


भारत के डेब्यू कप्तानों द्वारा बनाए गए शतक

खिलाड़ी का नाम स्कोर विपक्ष स्थान वर्ष
विजय हजारे 164* इंग्लैंड दिल्ली 1951
सुनील गावस्कर 116 न्यूजीलैंड ऑकलैंड 1976
विराट कोहली 115 ऑस्ट्रेलिया एडिलेड 2014
शुभमन गिल 118* इंग्लैंड हेडिंग्ले 2025

ड्रेसिंग रूम में जश्न का माहौल

गिल के शतक के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम में उत्सव का माहौल देखने को मिला। कोच राहुल द्रविड़ और बाकी सपोर्ट स्टाफ ने खड़े होकर तालियों के साथ इस उपलब्धि का स्वागत किया। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा भी डगआउट में बैठे मुस्कुराते नजर आए।


क्या भारत तोड़ेगा 18 साल का सूखा?

भारत ने इंग्लैंड की सरज़मीं पर आखिरी बार टेस्ट सीरीज 2007 में जीती थी। तब राहुल द्रविड़ कप्तान थे। शुभमन गिल की युवा कप्तानी और जोशीले बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन से अब 18 साल बाद इतिहास दोहराने की उम्मीदें प्रबल हो गई हैं।


निष्कर्ष

शुभमन गिल का यह शतक सिर्फ एक व्यक्तिगत मील का पत्थर नहीं, बल्कि भारत के लिए आत्मविश्वास से भरी एक नई शुरुआत है। अगर गिल इसी तरह टीम को आगे ले जाते हैं, तो यह सीरीज भारतीय क्रिकेट इतिहास की एक यादगार कहानी बन सकती है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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