। मैनचेस्टर टेस्ट खत्म हुआ तो नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन चर्चा छिड़ी है ‘हैंडशेक कंट्रोवर्सी’ की! इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने जब भारतीय बल्लेबाज़ रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर से मैच खत्म करने को कहा, तो भारतीय खिलाड़ियों ने politely “ना बाबा ना!” कह दिया और अपने शतक की ओर बढ़ते रहे। जवाब में स्टोक्स ने हैरी ब्रुक को गेंद थमाकर ऐसी चाल चली कि खुद ही विवादों में फंस गए।
नासिर बोले – “क्या ज़रूरत थी खुद को क्लाउन बनाने की?”
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने इस ड्रामे पर दो टूक कह दिया – “स्टोक्स को अंत में ब्रूक से गेंदबाज़ी करवाकर खुद को नासमझ दिखाने की कोई ज़रूरत नहीं थी।” उन्होंने कहा कि जडेजा और सुंदर ने अपने शतक के लिए मेहनत की थी और वो पूरी तरह से उसके हकदार थे।
थके गेंदबाज़, लेकिन बल्लेबाज़ों की भूख ज़िंदा
हुसैन ने ‘स्काई स्पोर्ट्स’ से कहा, “इंग्लैंड के गेंदबाज़ थक चुके थे, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आप टेस्ट क्रिकेट को मज़ाक बना दें। दोनों भारतीय बल्लेबाज़ 80-90 तक पहुँच चुके थे। अगर वो शतक पूरा करना चाहते हैं, तो इसमें बुराई क्या है?” जब वॉशिंगटन सुंदर से पूछा गया कि उन्होंने स्टोक्स का प्रस्ताव क्यों नहीं माना, तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा – “टीवी पर सबने देखा होगा… और शायद सबने मज़ा भी लिया होगा।” भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी कहा – “स्टोक्स एक बिगड़ैल बच्चे की तरह पेश आए। अगर इंग्लैंड के दो बल्लेबाज़ 90 पर होते तो क्या तब भी वो मैच छोड़ने की बात करते?” इस पूरी घटना ने टेस्ट क्रिकेट को एक बार फिर मज़ेदार बना दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इसे “ब्रूक बॉल”, “हैंडशेक गेट” और “बेबी स्टोक्स मूवमेंट” जैसे नाम दे रहे हैं।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।