(Rajasthan News): राजस्थान के चर्चित नागौर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से 2021 में लिए गए उस फैसले पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें तत्कालीन विधायकों पुखराज गर्ग (भोपालगढ़) और इंदिरा बावरी (मेड़ता) के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की सिफारिश की गई थी। मंगलवार को जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिष्णोई की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
क्या था मामला?
यह मामला 25 अगस्त 2019 का है, जब राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश पर नागौर के बंजारों की ढानियों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान हिंसा भड़क गई। आरोप है कि स्थानीय नेताओं के उकसावे पर भीड़ ने पुलिस और प्रशासन पर हमला किया। इसी दौरान जेसीबी चालक फारूक खान की मौत हो गई। घटना के बाद तत्कालीन विधायकों समेत कई लोगों के खिलाफ दंगा, आपराधिक साजिश और हत्या जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
मुकदमा वापसी का विवाद
-
17 फरवरी 2021 को राज्य की समिति ने दोनों विधायकों के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की सिफारिश की।
-
इसके बाद, 20 फरवरी 2021 को राज्य सरकार ने CrPC की धारा 321 के तहत अभियोजन वापसी का आदेश जारी किया।
-
26 फरवरी 2021 को यह आवेदन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुआ।
-
लेकिन 3 जून 2021 को राजस्थान हाई कोर्ट ने एक अन्य आरोपी की जमानत याचिका सुनते हुए सरकार के इस आदेश को रद्द कर दिया।
-
सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जिस पर 11 अप्रैल 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा से पूछा कि क्या राज्य सरकार अब भी अपने पुराने फैसले (अभियोजन वापसी) पर कायम है या उसने अपना रुख बदला है। कोर्ट ने सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
अगली सुनवाई
अब राजस्थान सरकार को अपने फैसले की समीक्षा कर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा। मामला दो सप्ताह बाद फिर से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होगा। उस दौरान शीर्ष अदालत यह तय करेगी कि विधायकों के खिलाफ मुकदमा वापस लेने का निर्णय सही था या नहीं।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।