राजस्थान में एसआई भर्ती 2021 रद्द होने के बाद सियासत गरमा गई है। बुधवार को एनडीटीवी पर लाइव डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगा दी और मामला जुबानी जंग तक पहुंच गया।
डोटासरा का दावा: “सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी”
पीसीसी चीफ डोटासरा ने डिबेट के दौरान कहा, “मैं लिखकर दे सकता हूं कि यह सरकार हाईकोर्ट के फैसले को नहीं मानने वाली है। ये यकीनन सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे।” उन्होंने भाजपा सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार फैसले पर ठोस कदम नहीं उठा रही है और अब विपक्ष से ही सलाह मांग रही है। कांग्रेस नेता डोटासरा ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पौने दो साल तक आंदोलन चलता रहा, लेकिन सीएम ने भर्ती रद्द करने का निर्णय नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दिल्ली से अनुमति के बिना कोई निर्णय नहीं ले सकती थी और मुख्य कारण था कि वे किरोड़ी लाल मीणा को राजनीतिक माइलेज नहीं देना चाहते थे।
राठौड़ का पलटवार: “ये कांग्रेस के पाप हैं”
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने डोटासरा के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा, “कोर्ट ने जांच पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया है। यह कांग्रेस के शासनकाल का पाप है, और अब हम उसे ढोने वाले नहीं हैं। हम कांग्रेस के पाप को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”हंगामेदार बहस के बीच जब डोटासरा लगातार भाजपा सरकार के रुख पर सवाल उठाते रहे तो मदन राठौड़ ने कहा,
“मामले की समीक्षा की जाएगी, लेकिन आप बचकानी हरकतें मत कीजिए। सरकार ने जो कर सकती थी, वह किया है।”
राजनीतिक मायने
एसआई भर्ती रद्द होने के बाद यह मुद्दा अब सिर्फ न्यायिक नहीं, बल्कि राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। कांग्रेस इसे भाजपा की नाकामी बता रही है, जबकि भाजपा इसे कांग्रेस के कार्यकाल की “विरासत में मिली गलती” बता रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह विवाद विधानसभा उपचुनावों और लोकसभा चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।