ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर शेन वॉटसन ने भारतीय सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल की प्रतिभा की काफी तारीफ की है, लेकिन साथ ही यह भी माना कि अलग-अलग फॉर्मेट के बीच तालमेल बैठाना आज के दौर के बल्लेबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती है। वॉटसन ने गिल को ‘बेहद प्रतिभाशाली’ और ‘अद्भुत तकनीक वाला’ बल्लेबाज बताया।
गिल का हालिया प्रदर्शन चिंताजनक
हालांकि वॉटसन की तारीफों के बीच शुभमन गिल का हालिया प्रदर्शन चिंताजनक बना हुआ है। सितंबर 2025 में टी20ई में वापसी के बाद से गिल दस पारियों में केवल 170 रन ही बना पाए हैं, जिसकी औसत 24.14 और स्ट्राइक रेट 148.24 रहा है। मौजूदा ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी उनका संघर्ष जारी है, जहां पहले तीन टी20ई मैचों में उनके स्कोर नाबाद 37, 5 और 15 रहे हैं।
वॉटसन ने बताई आधुनिक क्रिकेट की चुनौती
वॉटसन ने बुधवार को गोल्ड कोस्ट में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “यह निश्चित रूप से एक चुनौती है। जितना अधिक आप इसे करते हैं, उतना ही बेहतर आप अपनी तकनीक, अपनी खेल योजना और हर प्रारूप के लिए अपनी मानसिकता में होने वाले बदलावों को समझ पाते हैं।” उन्होंने कहा कि एक आधुनिक बल्लेबाज के लिए अलग-अलग फॉर्मेट के बीच स्विच करना आसान नहीं है।
गोल्ड कोस्ट के ऐतिहासिक मैच को लेकर उत्साह
वॉटसन ने गोल्ड कोस्ट के कैरारा ओवल में होने वाले चौथे टी20ई मैच को लेकर भी उत्साह जताया। यह पहला मौका होगा जब भारत और ऑस्ट्रेलिया इस स्टेडियम में आमने-सामने होंगे। वॉटसन ने कहा, “गोल्ड कोस्ट के लिए अपनी प्राकृतिक सुंदरता दिखाने का यह एक अद्भुत अवसर है। भारतीय टीम का यहां आना और गोल्ड कोस्ट समुदाय के लिए यह बहुत खास बात है।”
भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि गिल जल्द ही अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में वापस लौटेंगे और टीम को श्रृंखला में बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं, वॉटसन का मानना है कि गिल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को फॉर्मेट के बीच तालमेल बैठाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








