राजस्थान एसओजी ने वनपाल भर्ती परीक्षा–2022 के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 50 हजार रुपए के इनामी आरोपी जबराराम जाट से पूछताछ तेज कर दी है। आरोपी को बांसवाड़ा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सात दिन की रिमांड पर विशेष ऑपरेशन समूह (SOG) को सौंप दिया गया। फिलहाल आरोपी को जयपुर मुख्यालय लाकर टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है।
एसओजी की जांच का मुख्य फोकस उस प्रिंटिंग प्रेस पर है, जहां से जबराराम ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल किया था। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रेस का कौन-सा कर्मचारी इस पूरे गिरोह में शामिल था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फरारी के दौरान आरोपी कहां-कहां छिपा रहा और उसने पेपर बेचकर जुटाए गए लगभग डेढ़ करोड़ रुपए का इस्तेमाल या निवेश कहां किया।
पूछताछ में कबूली बड़ी बात
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में जबराराम ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि उसने पेपर सीधे प्रिंटिंग प्रेस से करीब 25 लाख रुपए देकर खरीदा था। बाद में उसने इसे विभिन्न गिरोहों में बेचकर लगभग 1.5 करोड़ रुपए कमाए। अब एसओजी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर उसे किसने उपलब्ध कराया और डेढ़ करोड़ की रकम आखिर कहां खर्च या निवेश की गई।
गुजरात से पकड़ा गया था पेपर लीक गैंग का मास्टरमाइंड
जबराराम जाट बाड़मेर के पचपट्टण क्षेत्र का रहने वाला है और लंबे समय से फरार चल रहा था। एएसपी भवानीशंकर के नेतृत्व में गठित टीम ने उसे गुजरात से गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। एसओजी को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से पेपर लीक रैकेट की और भी परतें खुलेंगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







