37 से 73 का सफर! संजू सैमसन बने फर्स्ट चॉइस, अब श्रीकांत ने डाली नसीहत

विस्फोटक बल्लेबाज संजू सैमसन के करियर में एक नया और अहम मोड़ आ गया है। पहली बार उन्हें किसी आईसीसी टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम में फर्स्ट चॉइस विकेटकीपर के रूप में चुना गया है। इतना ही नहीं, लंबे संघर्ष और उतार-चढ़ाव के बाद संजू एक बार फिर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सलामी बल्लेबाज की भूमिका में नजर आएंगे। उनके इस चयन पर पूर्व भारतीय चयन समिति अध्यक्ष और दिग्गज बल्लेबाज कृष्णमाचारी श्रीकांत ने खुशी जाहिर की है, साथ ही उन्हें एक अहम सलाह भी दी है।

वर्ल्ड कप से पहले खेली मैच विनिंग पारी

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था और लगातार सात मैचों तक उन्हें नजरअंदाज किया गया। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहमदाबाद में खेले गए आखिरी टी20 मुकाबले में उन्हें मौका मिला, जिसे उन्होंने दोनों हाथों से भुनाया। यह मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा से ठीक एक दिन पहले खेला गया था। संजू ने सलामी बल्लेबाजी करते हुए 22 गेंदों में 37 रनों की तेज़ और प्रभावशाली पारी खेली। इस पारी ने चयनकर्ताओं को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए उप-कप्तान शुभमन गिल को टीम से बाहर कर दिया, जो क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला रहा।

आंकड़ों में संजू, गिल से काफी आगे

एशिया कप 2025 के बाद से ओपनिंग में शुभमन गिल को संजू सैमसन पर तरजीह दी जा रही थी, लेकिन गिल लगातार फ्लॉप साबित हुए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने बीते एक साल में तीन शतक जड़कर अपनी दावेदारी मजबूत की। ओपनर के तौर पर संजू ने 15 मैचों में 39.38 की औसत से 549 रन बनाए, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 182.20 रहा। वहीं शुभमन गिल ने 2025 में खेले 15 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में सिर्फ 24.25 की औसत से 291 रन बनाए और हैरानी की बात यह रही कि उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं निकला। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज़ में गिल तीन पारियों में केवल 32 रन ही बना सके। इसके बाद पैर की अंगुली में चोट के कारण वह अंतिम दो मैच नहीं खेल पाए और लगातार दूसरे टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए।

श्रीकांत की संजू को अहम सलाह

अहमदाबाद में 37 रनों की विस्फोटक पारी खेलने वाले संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कृष्णमाचारी श्रीकांत ने उन्हें एक खास संदेश दिया। श्रीकांत ने कहा, “संजू ने बहुत शानदार बल्लेबाज़ी की। कुछ शॉट्स तो देखने लायक थे। जब वह लय में होते हैं, तो बेहद खतरनाक बल्लेबाज़ बन जाते हैं। लेकिन मेरी बस यही सलाह है कि 37 पर आउट मत होइए, उस 37 को 73 में बदलिए। अगर आप ऐसा कर लेते हैं, तो आपको टीम से बाहर नहीं किया जा सकता। 30 और 40 की पारियां लोग जल्दी भूल जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि संजू को जो मौका मिला, उसे उन्होंने पूरी तरह भुनाया। श्रीकांत का मानना है कि शायद चयनकर्ताओं ने शुभमन गिल को पहले ही अपने फैसले से अवगत करा दिया था, जिस वजह से वह आखिरी मैचों में नजर नहीं आए।

भारतीय बल्लेबाजी बनेगी वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी ताकत

श्रीकांत ने यह भी कहा कि अगर कप्तान सूर्यकुमार यादव अपनी पुरानी फॉर्म में लौट आते हैं, तो भारत की बल्लेबाजी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। उन्होंने कहा, “हार्दिक पांड्या तो ‘मिशन इम्पॉसिबल’ की तरह बल्लेबाज़ी कर रहे थे। अगर टॉप-5 में सभी खिलाड़ी फॉर्म में रहे, तो यह बल्लेबाजी क्रम विपक्षी टीमों को तहस-नहस कर सकता है। यह एक डर पैदा करने वाली और बेहद घातक लाइन-अप है।” साफ है कि संजू सैमसन के लिए यह मौका सिर्फ चयन का नहीं, बल्कि खुद को स्थायी रूप से भारतीय टीम का अहम स्तंभ साबित करने का भी है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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