AUS vs ENG: टेस्ट मैच या विकेट-फॉल एक्सप्रेस? मेलबर्न में दो दिन में 32 विकेट, पिच देखकर दिग्गजों ने माथा पीटा

मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच एशेज सीरीज़ का चौथा टेस्ट मानो बल्लेबाजों के लिए नहीं, बल्कि गेंदबाजों की पार्टी बन गया है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले जा रहे इस मुकाबले में दूसरे दिन के चायकाल तक 32 विकेट गिर चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि टेस्ट क्रिकेट कब टी20 से भी छोटा हो गया, किसी को पता ही नहीं चला। पिच पर सामान्य से करीब चार मिलीमीटर ज्यादा घास छोड़ी गई, जिसका नतीजा यह हुआ कि तेज गेंदबाजों को जमकर स्विंग और उछाल मिला, जबकि बल्लेबाजों की परीक्षा मिनटों में खत्म होती दिखी।

डेढ़ दिन में 32 विकेट, बल्लेबाजों का बुरा हाल

पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम 45.2 ओवर में 152 रन बनाकर ढेर हो गई। जवाब में इंग्लैंड की हालत और खराब रही और पूरी टीम सिर्फ 110 रन पर सिमट गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त मिली।
दूसरी पारी में भी कंगारू टिक नहीं पाए और 34.3 ओवर में 132 रन पर ऑलआउट हो गए। इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रन का लक्ष्य मिला, जिसके जवाब में उसने खबर लिखे जाने तक 77 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे। कुल मिलाकर यह टेस्ट कम और विकेटों की झड़ी ज्यादा लग रहा है।

दिग्गज बोले—“ये पिच टेस्ट की नहीं, मज़ाक की है”

मेलबर्न की इस पिच ने पूर्व खिलाड़ियों को भी नाराज़ कर दिया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह पिच खेल को छोटा कर रही है और फैंस के साथ नाइंसाफी है। केविन पीटरसन ने भी तंज कसते हुए कहा कि जब ऐसी पिच भारत में होती है तो खूब आलोचना होती है, अब वही कसौटी ऑस्ट्रेलिया पर भी लागू होनी चाहिए।

“13 दिन में चार टेस्ट खत्म!”

भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने चुटकी लेते हुए कहा कि एशेज़ के चार टेस्ट सिर्फ 13 दिनों में खत्म हो जाना हैरान करने वाला है। वहीं आकाश चोपड़ा ने लिखा कि डेढ़ दिन में स्पिन का एक भी ओवर नहीं फेंका गया और अगर ऐसा उपमहाद्वीप में होता, तो बवाल मच जाता।

मैक्सवेल ने किया बचाव

हालांकि ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने पिच का बचाव करते हुए कहा कि गिरे सभी विकेट सिर्फ पिच की वजह से नहीं थे। दूसरी पारी में ट्रैविस हेड ने 46 रन बनाए, जबकि स्टीव स्मिथ 24 और कैमरन ग्रीन 19 रन बनाकर नाबाद रहे। कुल मिलाकर, मेलबर्न टेस्ट ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यह क्रिकेट का सबसे लंबा फॉर्मेट है या फिर “फास्ट-फॉरवर्ड टेस्ट”—जहां बल्लेबाज आए, देखे और पवेलियन लौट गए।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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