राजस्थान में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ‘अपराध मुक्त प्रदेश’ के संकल्प को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में आयोजित एक मैराथन बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के आला अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को “प्रो-एक्टिव” बनाने और जवाबदेही तय करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीजीपी राजीव कुमार शर्मा सहित प्रदेश के सभी आईजी और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक की 10 बड़ी बातें:
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जीरो टॉलरेंस और समयबद्ध FIR: मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध पर ‘जीरो टॉलरेंस’ हमारी प्राथमिकता है। FIR दर्ज होने के बाद उसका अनुसंधान (Investigation) समय पर पूरा होना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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फील्ड में उतरेंगे बड़े अफसर: अब एसपी को थानों का और आईजी को एसपी कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करना होगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अधिकारी केवल मुख्यालय न बैठें, फील्ड में जाकर स्थिति देखें।
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साइबर क्राइम पर रियल-टाइम एक्शन: साइबर ठगी को रोकने के लिए प्रतिदिन मॉनिटरिंग होगी। पुलिस पीड़ितों के साथ सीधा संवाद कर उन्हें त्वरित राहत पहुँचाएगी।
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माफिया नेटवर्क का खात्मा: गैंगस्टर्स को पनाह देने वाले स्थानीय नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के निर्देश दिए गए हैं। संगठित अपराध पर पुलिस अब पहले से ज्यादा आक्रामक होगी।
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महिला सुरक्षा और CLG: कम्युनिटी पुलिसिंग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सीएलजी (CLG) सदस्यों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
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नए कानूनों में राजस्थान की प्रगति: भारतीय न्याय संहिता के क्रियान्वयन में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है। पुलिसकर्मियों को नए कानूनों के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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नशे के खिलाफ जंग: सीमावर्ती इलाकों में विशेष निगरानी और ड्रग्स तस्करी के खिलाफ विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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तेजी से मिलेगा न्याय: गंभीर मामलों (बलात्कार और पोक्सो) में अनुसंधान का समय 107 दिन से घटकर 42 दिन रह गया है, जिसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया गया।
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अपराध के ग्राफ में गिरावट: पिछले सवा दो वर्षों में कुल अपराधों में 18.77% की कमी आई है। हत्या और डकैती जैसे जघन्य अपराधों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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पेपरलीक मुक्त प्रदेश: मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि सरकार के अब तक के कार्यकाल में एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है। SIT के गठन से ओएमआर घोटाले और डमी कैंडिडेट्स पर लगाम कसी गई है।
सुरक्षित माहौल से आएगा निवेश
मुख्यमंत्री ने पुलिस तंत्र को आधुनिक बनाने का वादा करते हुए कहा कि “प्रदेश में निवेश तभी आएगा जब निवेशक सुरक्षित महसूस करेगा।” उन्होंने पुलिस को आधुनिक हथियार और तकनीक देने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का अंत राजस्थान पुलिस के ध्येय वाक्य के साथ किया— “आमजन में विश्वास और अपराधियों में डर।”
आर्टिकल के लिए आकर्षक टाइटल्स:
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“CM भजनलाल का ‘पुलिस प्लान’: लापरवाही पर नपेंगे अफसर, अपराध में 18% की गिरावट ने बढ़ाई सरकार की साख!”
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“राजस्थान पुलिस के लिए 10 कड़े फरमान: अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास पैदा करने के लिए CM ने कसी कमर।”
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“पेपरलीक से लेकर माफिया नेटवर्क तक— पुलिस मुख्यालय में मुख्यमंत्री की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ वाली बैठक।”
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








