: अरब सागर इस वक्त एक भीषण सैन्य संघर्ष की तैयारी का गवाह बन रहा है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक ऐसी समुद्री नाकेबंदी (Naval Blockade) कर दी है, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। अमेरिकी नौसेना का सबसे घातक युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन अरब सागर में तैनात है, जिससे ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी पूरी तरह सख्त हो गई है।
सैन्य शक्ति का महा-प्रदर्शन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कोई साधारण अभ्यास नहीं बल्कि एक बड़ा ऑपरेशन है। इस घेराबंदी में शामिल ताकत का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है 10,000 से ज्यादा अमेरिकी नौसैनिक तैनात। 12 से अधिक बड़े नौसैनिक युद्धपोत। लड़ाकू विमान: 100 से ज्यादा लड़ाकू और सहायक विमानों का दस्ता।
CENTCOM ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से निकलने वाले हर जहाज की सघन जांच होगी और उन्हें रोका जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन की धुरी ‘USS अब्राहम लिंकन’ है। यह युद्धपोत किसी छोटे देश की वायुसेना से भी अधिक शक्तिशाली है। इस पर तैनात हथियारों की फेहरिस्त डराने वाली है: F-35C स्टेल्थ जेट: रडार की नजर से बचने वाले 8 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान। E-2D कमांड विमान: जो आसमान से ही पूरी जंग का संचालन कर सकते हैं। EA-18G: दुश्मन के रडार और संचार को जाम करने वाले इलेक्ट्रॉनिक अटैक एयरक्राफ्ट। इसके अलावा F/A-18 जेट, ऑस्प्रे विमान और भारी मात्रा में मिसाइलें इस जहाज की मारक क्षमता को बेजोड़ बनाती हैं।
हॉर्मुज स्ट्रेट का पेच और ट्रंप का बयान
हालांकि अमेरिका ने साफ किया है कि वह ‘हॉर्मुज स्ट्रेट’ (दुनिया का प्रमुख तेल मार्ग) को पूरी तरह बंद नहीं कर रहा है, लेकिन ईरान के तटीय इलाकों पर नकेल कस दी गई है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा: “हमारी नौसेना शानदार काम कर रही है। नाकेबंदी इतनी सख्त है कि कोई भी जहाज हमारी नेवी के सामने से गुजरने की हिम्मत तक नहीं कर पा रहा है।” इस ऑपरेशन में USS डेल्बर्ट डी ब्लैक जैसा गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर भी तैनात है, जो ईरानी सीमा के पास हर हलचल पर पैनी नजर रख रहा है।
क्यों मंडरा रहे हैं युद्ध के बादल?
अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मध्य-पूर्व में उसके बढ़ते प्रभाव के कारण है। अब तक यह विवाद केवल बयानबाजी और प्रतिबंधों तक सीमित था, लेकिन अरब सागर में अमेरिकी जंगी जहाजों की यह तैनाती बताती है कि अब बात सीधी सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ चुकी है।:
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








