​उज्जैन जमीन विवाद: कांग्रेस ने खोला मोर्चा, मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस्तीफे की मांग तेज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के परिवार और सहयोगियों पर उज्जैन में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने के आरोपों के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस पार्टी ने इसे एक बड़ा घोटाला करार देते हुए मुख्यमंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की है और मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से कराने की मांग की है।

क्या हैं आरोप?

कांग्रेस नेताओं—जीतू पटवारी और पवन खेड़ा—ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद डॉ. मोहन यादव के परिवार, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन और उसके आसपास के इलाकों में लगभग 168 एकड़ (137 भूखंड) जमीन खरीदी है। विपक्ष का दावा है कि ये जमीनें उन विकास क्षेत्रों और प्रस्तावित रोड प्रोजेक्ट्स के करीब हैं, जिनकी योजना सरकार द्वारा 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। कांग्रेस ने इसे ‘हितों का टकराव’ (Conflict of Interest) बताते हुए तीखे सवाल दागे हैं।

पारदर्शिता पर विपक्ष के सवाल और इस्तीफे की मांग

कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए और जब तक जांच पूरी नहीं होती, मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए। विपक्ष ने केंद्र सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED और CBI) की चुप्पी पर भी निशाना साधा है और आरोप लगाया है कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखा रही है, जिसके चलते राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।

भाजपा और सरकार का पलटवार

वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी ‘राजनीतिक साजिश’ बताया है। भाजपा का कहना है कि:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनकी पत्नी या बच्चों ने दिसंबर 2023 में पद संभालने के बाद कोई नई जमीन नहीं खरीदी है।

उनके चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्तियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

जिन जमीनों का जिक्र किया जा रहा है, वे उनके दूर के रिश्तेदारों की हैं जो स्वतंत्र रूप से रियल एस्टेट का व्यवसाय करते हैं और इनमें से कई सौदे मुख्यमंत्री बनने से पहले के हैं।

फिलहाल इस विवाद पर मुख्यमंत्री की ओर से कोई विस्तृत या सीधी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस बीच मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में और गरमाने के आसार हैं।

इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम और दोनों पक्षों के दावों को विस्तार से समझने के लिए आप CM Mohan Yadav Land Controversy News देख सकते हैं, जिसमें कांग्रेस के आरोपों और भाजपा के पलटवार का पूरा विश्लेषण दिया गया है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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