ओम प्रकाश राजभर का राहुल-अखिलेश पर हमला, बोले- ‘जिस चुनाव आयोग से जीते, उसी पर उठा रहे सवाल’

लखनऊ: चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा है। राजभर ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों नेताओं को पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने जिस चुनाव आयोग की निगरानी में चुनाव जीते, उसी की कार्यप्रणाली पर अब सवाल क्यों उठा रहे हैं।

राजभर ने चुनाव आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि SIR के तहत मतदाता सूची में मृत मतदाताओं के नाम हटाने और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को ठीक करने का काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक विपक्ष इसी प्रक्रिया को लेकर नाराज है।

राजभर ने राहुल-अखिलेश पर साधा निशाना

ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव को चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर दोनों नेताओं को आयोग की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं है तो उन्हें पहले अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे भी इसी चुनाव आयोग की देखरेख में हुए चुनावों के जरिए संसद पहुंचे हैं।

हालांकि, राजभर का यह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप और आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण अलग-अलग दावे हैं।

SIR को लेकर क्यों मचा है सियासी घमासान?

SIR को लेकर विवाद उस समय तेज हुआ जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के विभिन्न फैसलों और आदेशों पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा मतदाता डेटा से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया था। विपक्ष ने इन रिपोर्टों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए हैं।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने कहा है कि आंतरिक विचार-विमर्श में अलग-अलग राय सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और SIR समेत अंतिम फैसले सभी तीन चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

CEC के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में विपक्ष

SIR विवाद के बीच विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी तेज कर दी है। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस की पहल पर विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग/हटाने की प्रक्रिया से जुड़ा प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।

इससे पहले राहुल गांधी भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जबकि आयोग इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रख चुका है।

मल्लू रवि भी दे चुके हैं अविश्वास प्रस्ताव का संकेत

इसी विवाद के बीच कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा है कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते और सरकार उन्हें पद से नहीं हटाती है तो विपक्ष आगे की संसदीय कार्रवाई पर विचार कर सकता है। वहीं, हालिया रिपोर्टों में विपक्ष की ओर से CEC के खिलाफ हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी का भी उल्लेख है।

फिलहाल SIR को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी निर्णय प्रक्रिया को सर्वसम्मत बता रहा है। आने वाले दिनों में संसद और न्यायिक मंचों पर यह मुद्दा और आगे बढ़ सकता है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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