वृंदावन: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। 25 सितंबर को चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े कई CCTV फुटेज भी सामने आ चुके हैं। इसी बीच श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलहारी ने मामले की CBI जांच की मांग की है।
दिनेश फलहारी ने घटना को लेकर कई सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग किए जाने की बात कही है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच अभी जारी है।
दिनेश फलहारी ने उठाए गंभीर सवाल
श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलहारी ने आरोप लगाया कि वृंदावन में कुछ ऐसी गतिविधियां चल रही हैं, जिनकी गहन जांच की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि कुछ संतों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद उनके साथ गलत घटनाएं होने की आशंका है।
फलहारी ने यह भी कहा कि इलाके में संतों के बीच गुटबाजी की स्थिति बन गई है। उन्होंने दावा किया कि कुछ संतों ने परिस्थितियों से परेशान होकर दूरी बना ली है। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया और पूरे मामले की CBI जांच की मांग रखी।
इन दावों के बीच यह महत्वपूर्ण है कि रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए किसी भी संभावित साजिश या अन्य आपराधिक पहलू को जांच के निष्कर्ष से पहले तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
क्या है रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला?
रसिक दुलारी शरण का मूल नाम दीपक लोधी बताया गया है और वह जबलपुर, मध्य प्रदेश के रहने वाले थे। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने करीब दो वर्ष पहले वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी और इसके बाद आश्रम से जुड़े रहे।
25 सितंबर 2026 को वराह घाट क्षेत्र स्थित गुरु कृपा कुंज की चार मंजिला इमारत में वह चौथी मंजिल पर गए थे। कुछ समय बाद वह नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना के बाद मामले की जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम में कई चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव की बात सामने आई है। पुलिस मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है और घटना से पहले की गतिविधियों को समझने के लिए CCTV फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
मौत से पहले के CCTV फुटेज ने बढ़ाए सवाल
मामले में अब तक कई CCTV फुटेज सामने आ चुके हैं। एक फुटेज में रसिक दुलारी शरण को चौथी मंजिल की छत पर जाते और कुछ समय बाद नीचे गिरते हुए देखा गया। एक अन्य वीडियो में वह छत की बाउंड्री पर बैठे नजर आते हैं, फिर कुछ देर बाद फर्श पर लेटते हैं और अचानक उठकर नीचे गिर जाते हैं। इसके अलावा सामने आए एक अन्य CCTV फुटेज में वह सीढ़ियों की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी धोती पर खून के निशान भी नजर आए हैं। इन वीडियो के सामने आने के बाद घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर जांच के सवाल और बढ़ गए हैं।
पुलिस कई लोगों से कर चुकी है पूछताछ
मामले की जांच कर रही मथुरा पुलिस घटना से जुड़े लोगों और आश्रम से जुड़े साधकों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने CCTV फुटेज के अलावा घटनास्थल और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच की है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की है और जांच को अलग-अलग एंगल से आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच में घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा गया है, लेकिन मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल जारी है। परिवार और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से स्वतंत्र जांच की मांग भी सामने आई है।
CBI जांच की मांग के बीच आश्रम का क्या कहना है?
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। वहीं, प्रेमानंद महाराज से जुड़े राधा केली कुंज ट्रस्ट की ओर से घटना पर दुख जताते हुए पुलिस जांच में सहयोग की बात कही गई है। ट्रस्ट ने लोगों से अफवाहों से बचने और जांच को प्रभावित न करने की अपील भी की है। फिलहाल इस मामले में CBI जांच की मांग उठाई गई है, लेकिन जांच किस एजेंसी से होगी, इसका अंतिम निर्णय संबंधित प्रशासन और सरकार के स्तर पर होगा। मथुरा पुलिस की जांच जारी है और CCTV फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








