भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन से गिराए हथियार और RDX, दो युवक गिरफ्तार; बड़ी साजिश की आशंका

श्रीगंगानगर। राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे श्रीगंगानगर जिले के रावला क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक सामग्री गिराए जाने का मामला सामने आया है। चक 4 केएनएम स्थित एक खेत से दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन, करीब 867 कारतूस और लगभग साढ़े सात किलो RDX बरामद किए जाने की जानकारी है। मामले में पंजाब निवासी 19 वर्षीय दो युवकों लखविंदर सिंह और सुखविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), सीआईडी और स्थानीय पुलिस समेत विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई की। विस्फोटक को निष्क्रिय करने के लिए जयपुर से बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है। एजेंसियां हथियारों के स्रोत, आरोपियों के संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

रात में ड्रोन से सामग्री गिराए जाने की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ड्रोन के जरिए संदिग्ध सामग्री रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच गिराई गई हो सकती है। एएनटीएफ को इसकी सूचना अलसुबह करीब 3 बजे मिली, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं।

यह सामग्री 12 केएनडी पंचायत के चक 4 केएनएम स्थित खेत में मिली। यह स्थान खानुवाली सीमा चौकी से करीब एक किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। घटनास्थल से तीन पैकेट बरामद हुए। इनमें से दो में हथियार और कारतूस, जबकि तीसरे में RDX विस्फोटक होने की पुष्टि की गई है। बरामद दोनों पिस्टल पर ‘मेड इन टर्की’ लिखा होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हथियारों की आपूर्ति कहां से हुई और इन्हें किस उद्देश्य से भेजा गया था, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

मजदूरी के बहाने क्षेत्र में आने का दावा

जांच से जुड़े शुरुआती इनपुट के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों युवक मजदूरी करने के बहाने क्षेत्र में आए थे। बताया जा रहा है कि वे पिछले तीन दिनों से इलाके की रेकी कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियां उनके आने-जाने, स्थानीय संपर्कों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।

फिलहाल जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि हथियार और विस्फोटक किसने भेजे, ड्रोन कहां से संचालित किया गया और बरामद सामग्री को आगे कहां पहुंचाया जाना था। संभावित नेटवर्क और किसी बड़ी वारदात की योजना से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

एएनटीएफ आईजी बोले- बड़ी साजिश नाकाम हुई

एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार के अनुसार, इस कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कौन लोग हैं और उनका उद्देश्य क्या था, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। जांच आगे बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियां बरामद विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच में जुटी हैं।

सुखविंदर का नाम बटाला ग्रेनेड हमले में भी आया था

आधिकारिक सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवक सुखविंदर सिंह का नाम कुछ महीने पहले पंजाब के बटाला में एक पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में भी सामने आया था। बताया जा रहा है कि इस मामले में उसकी तलाश की जा रही थी।

हालांकि, रावला से बरामद हथियारों और विस्फोटक के मामले में उसकी कथित भूमिका, पुराने मामले से संभावित संबंध और अन्य आरोपियों के साथ उसके संपर्कों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बैटरी और रिमोट जैसी डिवाइस भी मिलने की जानकारी

घटनास्थल से चार जोड़ी बैटरी और रिमोट जैसी दो डिवाइस मिलने की भी जानकारी है। इन उपकरणों की प्रकृति और संभावित इस्तेमाल का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। बम निरोधक दस्ते की टीम विस्फोटक को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया में जुटी है।

हनुमानगढ़ में पहले भी सामने आया था IED से जुड़ा मामला

राजस्थान में इससे पहले हनुमानगढ़ में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) से जुड़ी कथित आतंकी साजिश का मामला सामने आने की जानकारी भी दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, अंबाला में विस्फोट के मामले में पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान राजस्थान में धमाके की योजना का खुलासा हुआ था। इस मामले में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का नाम भी सामने आया था।

रावला में हथियारों और RDX की बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या मौजूदा मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है। हालांकि, पुराने मामलों और वर्तमान बरामदगी के बीच किसी संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

हथियारों और विस्फोटक के स्रोत की जांच जारी

भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक इतनी बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस और RDX मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। गिरफ्तार युवकों से पूछताछ के साथ बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच और संभावित नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment