स्पोर्ट्स डेस्क। रणजी ट्रॉफी के एलीट ग्रुप-B मुकाबले में कर्नाटक के अनुभवी बल्लेबाज करुण नायर ने शानदार शतक जड़कर टीम को मुश्किल परिस्थितियों से उबारने में अहम भूमिका निभाई है। आंध्र प्रदेश के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में नायर ने दूसरी पारी में शतकीय पारी खेली और कर्नाटक को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। समाचार लिखे जाने तक करुण नायर 111 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे, जबकि माधव बजाज उनका साथ दे रहे थे।
कर्नाटक की टीम पहली पारी में पिछड़ने के बाद दूसरी पारी में वापसी की कोशिश कर रही थी। ऐसे में करुण नायर की पारी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। उनके शतक की बदौलत कर्नाटक ने आंध्र प्रदेश की पहली पारी की बढ़त को काफी हद तक कम करते हुए मुकाबले में अपनी स्थिति मजबूत की।
चौथे दिन कर्नाटक को लगे शुरुआती झटके
मुकाबले के चौथे दिन बुधवार को कर्नाटक की टीम अपनी दूसरी पारी को आगे बढ़ाने उतरी। पिछले दिन नाबाद रहे करुण नायर और कप्तान रविचंद्रन स्मरण से टीम को बड़ी साझेदारी की उम्मीद थी। हालांकि, टीम को जल्द ही झटका लगा और रविचंद्रन स्मरण 21 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कृष्णन श्रीजीत भी 19 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। लगातार विकेट गिरने के बीच करुण नायर ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने संयम और अनुभव का परिचय देते हुए अपनी पारी को आगे बढ़ाया और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 27वां शतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने कर्नाटक को मुकाबले में वापसी का मौका दिया।
पहली पारी में आंध्र प्रदेश ने बनाई थी 144 रन की बढ़त
इस मुकाबले की पहली पारी में कर्नाटक ने कप्तान रविचंद्रन स्मरण के शानदार शतक की मदद से 274 रन बनाए थे। स्मरण ने नाबाद 126 रन की पारी खेली थी। इसके जवाब में आंध्र प्रदेश ने श्रीराम राहुल के 119 रन की बदौलत 418 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इस तरह आंध्र प्रदेश को पहली पारी के आधार पर 144 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिली। कर्नाटक के लिए दूसरी पारी में अच्छी बल्लेबाजी करना जरूरी था, ताकि वह इस बढ़त को खत्म कर विपक्षी टीम के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख सके। समाचार लिखे जाने तक कर्नाटक ने दूसरी पारी में छह विकेट पर 248 रन बना लिए थे और उसकी कुल बढ़त 100 रन से अधिक हो गई थी। करुण नायर 111 रन बनाकर खेल रहे थे। ऐसे में उनकी पारी कर्नाटक के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
करुण नायर के प्रदर्शन पर टीम इंडिया की नजर
करुण नायर लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था और उन्हें इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम में मौका मिला था। हालांकि, उस दौरे पर उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और वह चार टेस्ट मैचों में कुल 205 रन बना सके।
इसके बाद से उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में दोबारा जगह नहीं मिली। इस बीच कई अन्य बल्लेबाजों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन कर टीम में अपनी दावेदारी मजबूत की है। ऐसे में नायर के लिए वापसी की राह आसान नहीं मानी जा रही है।
घरेलू क्रिकेट में निरंतरता दिखाना होगा जरूरी
करुण नायर का अनुभव और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं। आंध्र प्रदेश के खिलाफ लगाया गया शतक उनके लिए अहम है, क्योंकि घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन ही राष्ट्रीय टीम में वापसी की संभावनाओं को मजबूत कर सकता है। हालांकि, केवल एक पारी के आधार पर टीम इंडिया में वापसी का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। नायर को आगे भी रन बनाने होंगे और चयनकर्ताओं के सामने अपनी निरंतरता साबित करनी होगी। फिलहाल कर्नाटक की नजर मुकाबले में अपनी बढ़त को और मजबूत करने पर है। करुण नायर अगर अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदलने में सफल रहते हैं, तो कर्नाटक आंध्र प्रदेश के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने की स्थिति में पहुंच सकती है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








