Ranji Trophy: चिन्मय सुतार ने ठोके नाबाद 400 रन, रणजी ट्रॉफी में ऐसा करने वाले बने दूसरे बल्लेबाज

नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2026-27 के प्लेट डिवीजन में मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इतिहास रच दिया है। नागालैंड के खिलाफ सोविमा स्थित नागालैंड क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे मुकाबले में चिन्मय ने नाबाद 400 रन की विशाल पारी खेली। उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और 7 छक्के लगाए। उनकी इस शानदार पारी की बदौलत मिजोरम ने 9 विकेट के नुकसान पर 581 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी।

चिन्मय सुतार की यह पारी इसलिए भी खास है, क्योंकि रणजी ट्रॉफी के इतिहास में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले वह दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि बी.बी. निम्बालकर ने हासिल की थी, जिन्होंने 1948 में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे।

रणजी ट्रॉफी में 400 रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बने चिन्मय

चिन्मय सुतार ने नागालैंड के खिलाफ धैर्य और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने लंबी पारी के दौरान गेंदबाजों का सामना करते हुए 400 रन का आंकड़ा पार किया। 517 गेंदों पर खेली गई उनकी पारी में 46 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी से मिजोरम की टीम बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। टीम ने 581 रन बनाने के बाद 9 विकेट पर पारी घोषित कर दी। चिन्मय की इस उपलब्धि ने घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को खास पहचान दिलाई है।

बी.बी. निम्बालकर के नाम अब भी सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड

रणजी ट्रॉफी में 400 से अधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बी.बी. निम्बालकर थे। उन्होंने 1948 में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन बनाए थे। दशकों बाद चिन्मय सुतार ने 400 रन का आंकड़ा पार करके इस खास सूची में अपना नाम दर्ज कराया। हालांकि, चिन्मय की 400 रन की पारी के बावजूद रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड निम्बालकर के नाम ही बना हुआ है।

करियर के दूसरे फर्स्ट-क्लास मैच में किया कमाल

चिन्मय सुतार के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नागालैंड के खिलाफ मुकाबला उनके फर्स्ट-क्लास करियर का दूसरा मैच बताया गया है। उन्होंने अपने डेब्यू मैच में मणिपुर के खिलाफ पहली पारी में 35 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में 99 रन की शानदार पारी खेली थी। लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद चिन्मय ने दूसरे ही फर्स्ट-क्लास मैच में 400 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का परिचय दिया है।

मुंबई के लिए भी खेल चुके हैं चिन्मय सुतार

29 वर्षीय चिन्मय सुतार का जन्म 3 मई 1997 को हुआ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज चिन्मय इससे पहले मुंबई की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी में भी खेल चुके हैं। बाद में वह मिजोरम की टीम से जुड़ गए। उनके पिता राजेश सुतार, जिन्हें राजू सुतार के नाम से भी जाना जाता है, मुंबई के पूर्व क्रिकेटर और कोच हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने 1998 में एक मुकाबले में सचिन तेंदुलकर के साथ पारी की शुरुआत की थी।

टीबी की बीमारी के कारण क्रिकेट से रहना पड़ा था दूर

चिन्मय सुतार के क्रिकेट सफर में मुश्किल दौर भी आया। जानकारी के अनुसार, 15 साल की उम्र में टीबी की बीमारी के कारण उन्हें करीब एक साल तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था। इसके बावजूद उन्होंने खेल में वापसी की और आगे बढ़ते रहे। चिन्मय ने भारत की अंडर-23 इमर्जिंग टीम में भी जगह बनाई और एसीसी इमर्जिंग टीम्स एशिया कप में शतक लगाया। इसके अलावा, टी20 मुंबई लीग 2025 में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप हासिल की और मुंबई साउथ सेंट्रल मराठा रॉयल्स को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।

घरेलू क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि से बनाई पहचान

नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रन की पारी चिन्मय सुतार के करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गई है। रणजी ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में इतने बड़े व्यक्तिगत स्कोर तक पहुंचना उनकी बल्लेबाजी क्षमता और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने की योग्यता को दर्शाता है।

अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि चिन्मय आने वाले मुकाबलों में अपने प्रदर्शन को किस तरह जारी रखते हैं और क्या उन्हें भविष्य में बड़े स्तर पर खेलने का अवसर मिलता है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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