Jaipur E-Bus Service: दिवाली के बाद जयपुर में चलेंगी 40 और इलेक्ट्रिक बसें, टोडी डिपो का चार्जिंग स्टेशन बना बाधा

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का विस्तार करने की तैयारी है, लेकिन जरूरी सुविधाएं समय पर तैयार नहीं होने से योजना की रफ्तार धीमी पड़ गई है। जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) दिवाली के बाद टोडी डिपो से 40 और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, डिपो में चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा नहीं होने और चालकों का प्रशिक्षण समय पर नहीं होने से बसों को सड़कों पर उतारने में देरी हो रही है।

फिलहाल जयपुर में बगराना डिपो से करीब 60 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। वहीं, डिपो में मौजूद अन्य बसों के संचालन के लिए प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता भी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब बसें पहले ही पहुंच गई थीं, तो उनके संचालन के लिए जरूरी इंतजाम समय पर क्यों नहीं किए गए।

बसें पहुंचीं, लेकिन चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं

जेसीटीएसएल ने जयपुर में कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना बनाई है। इसके तहत बगराना और टोडी डिपो से 75-75 बसें चलाने का लक्ष्य रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक 98 इलेक्ट्रिक बसें जयपुर पहुंच चुकी हैं, जबकि शेष बसों के दिसंबर तक आने की संभावना है। इसके बावजूद टोडी डिपो में चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं होने से बसों का संचालन शुरू करने में परेशानी आ रही है। इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है। ऐसे में चार्जिंग स्टेशन का काम बसों की आमद से पहले पूरा होना चाहिए था, ताकि बसों को खड़ा रखने के बजाय समय पर यात्रियों की सेवा में लगाया जा सके। अब जेसीटीएसएल टोडी डिपो में चार्जिंग स्टेशन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इसके चालू होने के बाद यहां से अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों का संचालन संभव हो सकेगा।

चालकों की ट्रेनिंग में देरी भी बड़ी समस्या

इलेक्ट्रिक बसों को सड़क पर उतारने के लिए केवल बसों और चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। इनके सुरक्षित संचालन के लिए चालकों को विशेष प्रशिक्षण देना भी जरूरी है। लेकिन चालकों की ट्रेनिंग समय पर पूरी नहीं होने से संचालन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। बगराना डिपो में मौजूद 40 अन्य बसों के संचालन में भी प्रशिक्षित चालकों की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। प्रशिक्षण में देरी का असर सार्वजनिक परिवहन सेवा के विस्तार पर पड़ रहा है। ऐसे में बसों का पूरा उपयोग करने के लिए जेसीटीएसएल को चार्जिंग सुविधाओं के साथ पर्याप्त प्रशिक्षित चालक भी उपलब्ध कराने होंगे।

150 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का है लक्ष्य

जेसीटीएसएल की योजना के मुताबिक, बगराना और टोडी डिपो से 75-75 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जानी हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों डिपो में चार्जिंग व्यवस्था, प्रशिक्षित चालक और संचालन से जुड़े अन्य इंतजाम समय पर पूरे करना जरूरी है। दिसंबर तक शेष बसों के आने की संभावना को देखते हुए टोडी डिपो में चार्जिंग स्टेशन शुरू करना और चालकों का प्रशिक्षण पूरा करना अहम हो गया है। यदि ये तैयारियां समय पर पूरी होती हैं, तो जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन सेवा का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।

दिवाली से पहले चार्जिंग स्टेशन शुरू करने का दावा

जेसीटीएसएल के प्रबंध निदेशक नारायण सिंह के अनुसार, टोडी डिपो में चार्जिंग स्टेशन तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने इसे दिवाली से पहले शुरू करने की बात कही है। साथ ही, कंपनी को चालकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

अब देखना होगा कि चार्जिंग स्टेशन शुरू होने और चालकों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद टोडी डिपो से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन तय समय पर शुरू हो पाता है या नहीं। जयपुर में ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए बसों की उपलब्धता के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाओं का समय पर तैयार होना भी उतना ही जरूरी है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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