राजस्थान का ऐतिहासिक शहर Ajmer पिछले दो दशकों से आतंकी संगठनों की नजर में रहा है। साम्प्रदायिक सौहार्द्र और सूफियाना परंपरा के लिए प्रसिद्ध इस शहर को लेकर सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर सतर्क हो गई हैं। हाल ही में स्थानीय युवक अली अकबर उर्फ बाबू के कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने की आशंका के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सूत्रों के अनुसार हरियाणा में हुई गिरफ्तारी के बाद यह मामला सामने आया है। पिछले दो महीनों से शहर में धमकियों की घटनाएं भी सामने आ रही थीं, जिसके कारण अब प्रशासन के सामने सुरक्षा को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।
लोकल कनेक्शन से बढ़ी चिंता
जांच एजेंसियों के अनुसार लौंगिया मोहल्ला निवासी अली अकबर का नाम सामने आने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इससे पहले तक अजमेर से जुड़े आतंकी मामलों में बाहरी मॉड्यूल का ही नाम सामने आता रहा था, लेकिन पहली बार किसी स्थानीय युवक के जुड़ाव की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों को यह भी आशंका है कि अजमेर में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क और मॉड्यूल सक्रिय हो सकते हैं।
दरगाह और पुष्कर लंबे समय से निशाने पर
अजमेर स्थित प्रसिद्ध सूफी संत Khwaja Moinuddin Chishti की दरगाह और धार्मिक नगरी Pushkar लंबे समय से आतंकी संगठनों के निशाने पर रहे हैं। इन दोनों स्थानों पर हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए सुरक्षा एजेंसियां इन्हें संवेदनशील क्षेत्र मानती हैं।
पाकिस्तानी आतंकी दो साल तक रहा अजमेर में
अक्टूबर 2021 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ भी अजमेर में दो साल तक छिपकर रहा था। बताया गया कि वह पत्नी के साथ देहली गेट क्षेत्र की एक मस्जिद में रह रहा था और झाड़-फूंक की आड़ में इलाके की गतिविधियों पर नजर रखता था। उसने यहां फर्जी दस्तावेज भी बनवा लिए थे।
पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं
अजमेर में इससे पहले भी कई बार आतंकी गतिविधियों के मामले सामने आ चुके हैं।
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2003: मुंबई हमलों के आरोपी David Coleman Headley ने पुष्कर के यहूदी धर्मस्थल की रैकी की थी।
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2006: गेगल थाना पुलिस ने हथियारों के साथ आतंकी मोहम्मद शब्बीर को गिरफ्तार किया।
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2007: Ajmer Sharif Dargah परिसर में बम विस्फोट हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई।
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2016: आतंकी मॉड्यूल से जुड़े दो संदिग्ध दरगाह क्षेत्र में ठहरे थे, जिन्हें बाद में एनआईए ने गिरफ्तार किया।
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2021: पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ के दो साल तक अजमेर में छिपे रहने का खुलासा हुआ।
लगातार धमकियों के बीच बढ़ी सुरक्षा
पिछले दो महीनों में जिला प्रशासन को कई बार बम धमाकों की धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे में अली अकबर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने शहर के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। Harshvardhan Agarwal, पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अजमेर साम्प्रदायिक सौहार्द्र की नगरी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







