आम आदमी पार्टी (AAP) में इन दिनों अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद Raghav Chadha के एक वीडियो संदेश ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इसके बाद पार्टी ने उन पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वे प्रधानमंत्री Narendra Modi के खिलाफ खुलकर बोलने से हिचकिचाते हैं।
AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख Anurag Dhanda ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर राघव चड्ढा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में चड्ढा का रुख बदल गया है और वे प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलने से बचते नजर आते हैं। धांडा ने यह भी कहा कि पार्टी की पहचान निडरता है और जो नेता इस भावना से दूर जाता है, वह पार्टी के मूल सिद्धांतों को कमजोर करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई नेता सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकता, तो वह जनता के मुद्दों के लिए कैसे संघर्ष करेगा।
मामला यहीं नहीं थमा, बल्कि धांडा ने संसद में राघव चड्ढा की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संसद में बोलने का समय सीमित होता है और इसका इस्तेमाल देश के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के लिए किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इस समय का उपयोग छोटे मुद्दों जैसे एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करने जैसी बातों पर करना प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। यह बयान सीधे तौर पर चड्ढा के कामकाज पर टिप्पणी माना जा रहा है।
पार्टी ने राघव चड्ढा पर यह आरोप भी लगाया है कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर पार्टी का साथ नहीं दिया। गुजरात में आप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे पर उन्होंने संसद में आवाज नहीं उठाई। इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर भी उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए। धांडा के अनुसार, जब पार्टी ने सदन से वॉकआउट किया, तब भी चड्ढा अपनी सीट पर बैठे रहे, जिसे पार्टी नेतृत्व ने अनुशासनहीनता और प्रतिबद्धता की कमी के रूप में देखा है।
इस बीच AAP के दिल्ली अध्यक्ष Saurabh Bhardwaj ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए चड्ढा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “जो डर गया, वो मर गया” और नेताओं को जनता के मुद्दों को सरकार के सामने मजबूती से उठाना चाहिए। सौरभ ने यह भी कहा कि छोटे मुद्दों की बजाय बड़े जनहित के सवालों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
AAP के भीतर इस बढ़ते टकराव ने साफ संकेत दिए हैं कि पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है, जो पार्टी की राजनीतिक रणनीति और छवि दोनों पर असर डाल सकता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








