इस स्कीम में पैसा डालकर कमा रहे हैं खूब मुनाफा, बचत और सुरक्षा का भी पूरा दावा

नई दिल्ली, 26 जनवरी: बेटियों के बेहतर भविष्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) ने 22 जनवरी 2025 को अपनी 10वीं वर्षगांठ पूरी कर ली। यह योजना, जो खासतौर पर बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए वित्तीय स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, आज माता-पिता के लिए उम्मीद की एक किरण बन चुकी है।

8.2% की आकर्षक ब्याज दर

मौजूदा तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) में सुकन्या समृद्धि योजना 8.2% की वार्षिक ब्याज दर प्रदान कर रही है, जो कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों से भी अधिक है। PPF इस समय केवल 7.1% की ब्याज दर दे रहा है। SSA का यह लाभ इसे विशेष रूप से आकर्षक बनाता है, खासकर उन परिवारों के लिए जो अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं।

कौन खोल सकता है खाता?

इस योजना के तहत, माता-पिता या अभिभावक अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खोल सकते हैं।

  • एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के खाते खोले जा सकते हैं।
  • जुड़वां या तीन बच्चियों के मामलों में नियमों में लचीलापन है।
  • हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक का निवेश किया जा सकता है।

योजना के तहत खाता खोलने की अवधि 15 वर्षों तक रहती है, जबकि खाता 21 वर्षों में परिपक्व होता है।

EEE टैक्स छूट बनाती है इसे खास

सुकन्या समृद्धि योजना को EEE (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स स्टेटस प्राप्त है।

  • निवेश की गई राशि,
  • अर्जित ब्याज,
  • और परिपक्वता पर मिलने वाली राशि, तीनों पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं।

यह न केवल टैक्स बचाने का बेहतरीन विकल्प है, बल्कि बेटियों के लिए सुरक्षित फंड बनाने का भी एक स्थिर माध्यम है।

लंबी लॉक-इन अवधि: चुनौती या अवसर?

इस योजना में 21 साल की लंबी लॉक-इन अवधि होती है, और आंशिक निकासी केवल बेटी के 18 साल की उम्र के बाद या 10वीं कक्षा पास करने पर ही संभव है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतिबंध एक चुनौती हो सकता है, लेकिन साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि धनराशि का उपयोग केवल बेटी की शिक्षा और विवाह के लिए किया जाए।

क्या हो सकते हैं सुधार?

  • निकासी के नियमों में लचीलापन: आंशिक निकासी के लिए आयु सीमा को 16, 18 और 21 साल के चरणबद्ध तरीके में बदला जा सकता है।
  • निवेश सीमा में वृद्धि: वर्तमान में ₹1.5 लाख की वार्षिक निवेश सीमा को बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि शिक्षा और विवाह का खर्च 10 साल पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है।
  • महंगाई आधारित संशोधन: निवेश सीमा को हर साल या हर तीन साल में महंगाई दर के अनुसार संशोधित किया जाना चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा प्रभावी

ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बीच यह योजना विशेष रूप से लोकप्रिय है। इन क्षेत्रों में SSA न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि बेटियों की शिक्षा और सामाजिक स्थिति को भी मजबूत बनाती है।

निष्कर्ष

सुकन्या समृद्धि योजना माता-पिता के लिए अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का एक भरोसेमंद और स्थिर विकल्प है। हालांकि, बेहतर लचीलापन और निवेश सीमा में संशोधन के साथ, यह योजना और भी प्रभावी हो सकती है।


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