राजस्थान में फर्जी अफसर बनकर वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Neem Ka Thana क्षेत्र में सूट-बूट और टाई पहनकर खुद को अधिकारी बताने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये लोग National Human Rights Commission का नाम लेकर क्रेशर और खदान मालिकों से अवैध वसूली कर रहे थे।
ऐसे करते थे ठगी
मामले में झुंझुनूं निवासी लीलाधर सैनी ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि स्टार स्टोन क्रेशर भगेश्वर पर एक कार पहुंची, जिस पर पुलिस का लोगो और “राजस्थान स्टेट ग्रिवेंस ऑफिसर” लिखा हुआ था। कार से उतरे चार लोगों ने खुद को अधिकारी बताते हुए दस्तावेजों की जांच की और कागजों में कमी बताकर मौके पर ही 4 हजार रुपए वसूल लिए। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इसी तरह मुक्कड़ क्रेशर, नाथूवाला से भी करीब 10 हजार रुपए की वसूली की थी। आरोपी अफसराना अंदाज में धमकाकर पैसे ऐंठते थे, जिससे लोग डर के कारण तुरंत रकम दे देते थे। पूरे मामले का खुलासा Crusher and Mining Welfare Association की सतर्कता से हुआ। सूचना मिलने के बाद एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चारों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने किया खुलासा
थानाधिकारी Ramesh Meena के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में भैरूराम, रमेश चंद, रोहिताश और तुलसीराम शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से फर्जी लोगो लगी कार भी जब्त कर ली है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे मानवाधिकार आयोग का नाम लेकर क्रेशर और खदानों पर दबाव बनाकर वसूली करते थे।
CCTV में कैद हुई वारदात
क्रेशर पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई, जिससे आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिली। बताया जा रहा है कि जब आरोपी 4 हजार रुपए लेने पर अड़े रहे, तभी कर्मचारियों को शक हुआ और बाद में सच्चाई सामने आई।
निष्कर्ष
नीमकाथाना में सामने आया यह फर्जी अफसर गिरोह यह दिखाता है कि किस तरह ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने और किन-किन जगहों पर इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







