– प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लखनऊ यूनिट ने हाल ही में शिक्षा क्षेत्र में हुए एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम में सात ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान FIIT-JEE के खिलाफ दर्ज कई प्राथमिकी (FIR) के आधार पर की गई। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA), 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 10 लाख रुपये नकद और लगभग 4.89 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वैलरी जब्त की है।
छापेमारी के पीछे की वजह
ईडी द्वारा जारी बयान में बताया गया कि छापेमारी FIIT-JEE के निदेशक डी.के. गोयल, सीईओ, सीओओ और सीएफओ के आवास और संस्थान के आधिकारिक दफ्तरों पर की गई। आरोप है कि संस्थान के वरिष्ठ प्रबंधन ने छात्रों और उनके अभिभावकों से गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सेवाएं देने का वादा कर फीस वसूली, लेकिन बाद में न तो वादा की गई सुविधाएं दीं और न ही सेवाएं प्रदान कीं।
छापे के दौरान क्या मिला?
जांच के दौरान ईडी को कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी मिले हैं, जो वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। जांच में खुलासा हुआ कि FIIT-JEE ने मौजूदा बैचों से लगभग 206 करोड़ रुपये एकत्र किए थे, लेकिन इस राशि का उपयोग निजी और गैर-आधिकारिक कार्यों में किया गया। इतना ही नहीं, शिक्षकों के वेतन का भुगतान भी नहीं किया गया।
छात्रों पर संकट: अचानक बंद किए 32 कोचिंग सेंटर
जांच के दौरान सामने आया कि गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, नोएडा, प्रयागराज, दिल्ली, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, फरीदाबाद, गुरुग्राम और मुंबई समेत कई शहरों में FIIT-JEE के 32 कोचिंग सेंटर अचानक बंद कर दिए गए। इस कदम से करीब 14,400 छात्र और उनके अभिभावक प्रभावित हुए हैं।
ईडी की प्रतिक्रिया
ईडी ने अपने प्रारंभिक निष्कर्षों में कहा कि यह धोखाधड़ी योजनाबद्ध तरीके से की गई थी, जिसमें छात्रों और उनके माता-पिता को शिक्षा सेवाओं के नाम पर ठगा गया। एजेंसी अब इस मामले में आगे की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







