गिल ने हार का ठीकरा फोडा इन खिलाडियों पर, रोहित —अय्यर को लेकर दिया बडा बयान

एडिलेड। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में एक और निराशाजनक हार के बाद, भारत के युवा कप्तान शुभमन गिल ने टीम की कमजोरियों को स्वीकार करते हुए कहा कि शुरुआती विकेटों का नुकसान उनके लिए बहुत भारी पड़ गया। हालांकि, उन्होंने रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर की शानदार पारियों की जमकर सराहना की, जिन्होंने टीम को मुश्किल हालात से उबारा।

गिल का अफसोस और स्वीकारोक्ति

एडिलेड ओवल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के 265 रन के लक्ष्य को 8 विकेट खोकर 46.2 ओवर में हासिल कर लिया और तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने माना, “हमने शुरुआत में विकेट गंवा दिए, और यही हमारे लिए बहुत भारी पड़ गया।” यह टिप्पणी उनकी अपनी और टीम के शीर्ष क्रम की विफलता की ओर इशारा करती है, जिसने दोनों मैचों में टीम को दबाव में डाल दिया।

कप्तानी में संकट के संकेत?

शुभमन गिल का यह दौर पूरी तरह से निराशाजनक रहा है। पर्थ में वे मात्र 10 रन बना सके और एडिलेड में यह स्कोर और घटकर 9 रन पर सिमट गया। दोनों मैचों में वह टॉस भी हारे। इसके अलावा, मैदान पर उनकी कप्तानी में भी वह धार दिखाई नहीं दी, जिसकी उम्मीद थी। गेंदबाजी बदलने और फील्ड प्लेसमेंट जैसे फैसलों में उनकी रणनीति पर सवाल उठे और ऐसा लगा कि मैच की कमान पूरी तरह से उनके हाथों में नहीं है।

रोहित-श्रेयस की जोड़ी ने बचाई शर्मिंदगी

गिल की निराशाजनक बल्लेबाजी और कप्तानी के बीच, पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (73) और श्रेयस अय्यर (61) ने तीसरे विकेट के लिए 118 रनों की शानदार साझेदारी करके टीम को संभाला। गिल ने इस जोड़ी की तारीफ करते हुए कहा, “रोहित और श्रेयस ने जमकर बल्लेबाजी की और उन्होंने टीम को एक मजबूत स्थिति में लौटाया।” अक्षर पटेल (44) और हर्षित राणा (18*) ने भी अंत में कुछ उपयोगी रन जोड़े।

गेंदबाजी भी रही नाकाम

हालांकि, 264 रन का स्कोर इस मैदान पर पर्याप्त साबित नहीं हुआ। भारतीय गेंदबाजी, जिसने शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया को 54/2 तक घेर लिया था, बाद में मैथ्यू शॉर्ट (74) और मिचेल ओवन (36) के सामने बेअसर साबित हुई। कूपर कनोली (61*) ने अंत तक डटकर मैच ऑस्ट्रेलिया के नाम करवा दिया।

निचोड़: अब प्रतिष्ठा का सवाल

टीम इंडिया अब एक मुश्किल स्थिति में है। सीरीज तो हार चुकी है, लेकिन क्लीन स्वीप से बचने के लिए आखिरी मैच जीतना अब प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। शुभमन गिल के लिए यह न सिर्फ अपनी फॉर्म, बल्कि अपनी कप्तानी की काबिलियत साबित करने का भी आखिरी मौका होगा। पूरे देश की निगाहें अब उस युवा कप्तान पर टिकी हैं, जिस पर भविष्य की जिम्मेदारी का भार है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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