पटना में होगी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की ऐतिहासिक बैठक, विधानसभा चुनाव 2025 पर होगी रणनीतिक चर्चा

आजादी के बाद पहली बार पटना कांग्रेस की सियासत का केंद्र बनने जा रहा है। बुधवार को यहां कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की ऐतिहासिक बैठक आयोजित की जा रही है। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलने वाली यह बैठक महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए संगठन और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का बड़ा अवसर मानी जा रही है।

गांधी परिवार की मौजूदगी बनेगी आकर्षण का केंद्र

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मौजूद रहेंगे। राहुल और सोनिया गांधी सुबह पटना पहुंचेंगे, जहां उनका भव्य स्वागत होगा। कुल 170 से अधिक शीर्ष नेता इस बैठक में शामिल हो रहे हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, कर्नाटक के सिद्धरमैया और तेलंगाना के रेवंत रेड्डी भी शिरकत करेंगे।

पटना बनेगा शक्ति प्रदर्शन का मंच

कांग्रेस इसे केवल आंतरिक बैठक नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है। बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि कांग्रेस यहां ‘दूसरा स्वतंत्रता संग्राम’ लड़ रही है। उनका आरोप है कि भाजपा केंद्र की सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और चुनावों में अनुचित साधनों से वोट हासिल कर रही है।

भव्य सजावट और स्थानीय स्वाद का रंग

बैठक स्थल सदाकत आश्रम को भव्य तरीके से सजाया गया है। 30,000 वर्ग फीट के एसी टेंट में झूमर, डिजिटल लाइटिंग और विभिन्न राज्यों की संस्कृति को दर्शाने वाली पेंटिंग्स लगाई गई हैं। नेताओं के ठहरने के लिए पटना और आसपास के होटलों में 300 से अधिक कमरे बुक किए गए हैं।
नवरात्र को देखते हुए मेन्यू पूरी तरह शाकाहारी रखा गया है, लेकिन बिहार की पहचान लिट्टी-चोखा को खास तौर पर मेन्यू में शामिल किया गया है। कांग्रेस चाहती है कि इससे उसका स्थानीय जनता और संस्कृति से जुड़ाव मजबूत संदेश दे।

चुनावी रणनीति पर फोकस

बैठक में कई बड़े एजेंडे पर चर्चा होगी। मुख्य रूप से 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठन को मज़बूत करना और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना इस एजेंडे में शामिल है। साथ ही मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ विपक्षी भूमिका को कैसे और तेज किया जाए, इस पर भी विचार होगा। कांग्रेस को उम्मीद है कि जैसे 2023 में हैदराबाद में हुई CWC बैठक का असर तेलंगाना चुनाव में दिखा, वैसे ही पटना की बैठक भी बिहार कांग्रेस को मजबूत आधार देगी।

ऐतिहासिक धरती से नई दिशा की तलाश

कांग्रेस ने इस बैठक को ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से भी जोड़ा है। सदाकत आश्रम स्वतंत्रता संग्राम के कई अहम पलों का गवाह रहा है। यहां महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और जवाहरलाल नेहरू जैसी हस्तियों ने बैठकर आज़ादी की रणनीति बनाई थी। कांग्रेस चाहती है कि उसी धरती से एक बार फिर उसके संगठन और आंदोलन को नई दिशा मिले।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment