राजस्थान में अनिश्चितकालीन हड़ताल निशुल्क दवा योजना सप्लाई ठप

निशुल्क दवा योजना पैकर्स हेल्पर की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बठे कर्मचारी

राजसमंद। 3 जनवरी  : राजस्थान के सभी जिलों में निशुल्क दवा योजना के तहत मेडिसिन की सप्लाई पैकर्स हेल्पर की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते सभी सरकारी अस्पतालों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में समय पर दवाइयां न मिलने के कारण मरीजों को शारीरिक तकलीफों से परेशान लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

24 दिसंबर से जारी है अनिश्चितकालीन हड़ताल

पैकर्स और हेल्पर कर्मचारियों ने 24 दिसंबर को पूर्ण बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए । कार्य बहिष्कार मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना पैकर्स-हैल्पर कर्मचारी संघ, जयपुर के आह्वान पर किया जा रहा है। हड़ताल के कारण जिलेभर में दवाओं के पैकिंग और वितरण की प्रक्रिया ठप पड़ गई है।

मरीजों को समय पर दवा न मिलना

हड़ताल के चलते जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को समय पर निशुल्क दवाइयां नहीं मिलने की आशंका बढ़ गई है। यदि हड़ताल लंबी चली, तो इसका सीधा असर उपचार व्यवस्था पर पड़ सकता है।

अनिश्चितकालीन हड़ताल 24 दिसंबर 2025 से शुरू होकर अब तक चल रही है लगभग 9 दिन हो चुके हैं इस पर सरकार का कोई आश्वासन नहीं मिल रहा है, जिस से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयां की आपूर्ति बाधित हो रही है।

संघ पदाधिकारी ने बताया कि सन 2011 से 6700 मानदेय में गुजारा कर रहे हैं, जिसको समय समय पर श्रम विभाग के निर्देशानुसार बढ़ाया जाए कहने पर भी अब तक न बढ़ाया गया। आज करीब 14 वर्ष पूर्ण होने आए फिर भी कर्मचारी अपना कार्य अच्छे ढंग से करते आ रहे हैं कभी कोई शिकायत नहीं आने दी, सरकार का कहना है कि जो पुराने वर्कर हैं उन्हें स्थाई रूप से कर दिया जाएगा, जो अब तक नहीं किया गया इसके चलते मानदेय भी नहीं बढ़ाया गया, जिसके कारण वर्तमान में इन कर्मचारियों का 6700 प्रति माह मानदेय दिया जा रहा है जो बढ़ती महंगाई को देखते हुए अपने परिवार के भरण पोषण के लिए अप्राप्त  है ।

14 वर्षों से दे रहे हैं सेवाएं 

कर्मचारियों का कहना है कि वह वर्षों से लगातार सेवा दे रहे हैं इसके बावजूद हमेशा सरकार ने सातवना देकर आगे समय बढ़ाया गया जिसके चलते आज करीब 14 वर्ष बीत गए और हमें ना तो स्थाई किया गया और ना ही मानदेय वृद्धि की गई ठेका प्रथा समाप्त करने और राजस्थान संविदा नियम 2022 के तहत शामिल करने की मांग रखी वह भी अब तक पूरी नहीं हुई,  सरकार का क्या फैसला आता है । तब तक अनिश्चितकालीन पैकर्स हेल्पर की हड़ताल जारी रहेगी।

राजसमंद के जिला दवा औषधि  भंडार गृह के अधिकारी अनिल जैन ने बताया की श्रम विभाग के नियमानुसार कुशल श्रमिक  कि न्यून्तम मजदूरी समय-समय वृद्धि फॉर्म द्वारा प्रतिदिन मानदेय भुगतान किया जाना चाहिए, अगर उन्हें नहीं दिया जा रहा है तो दिया जाना चाहिए।

मांगें नहीं मानी तो जारी रहेगी हड़ताल 

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। हड़ताल के दौरान हैल्पर कृष्ण वल्लभगौड़, गोपाल चंद्र बैरवा, महेश पालीवाल, ओम प्रकाश अर्चा, अनस खान, सानू कुमार खटीक, शिवराज जोशी और अशोक कुमार रेगर मौजूद रहे।

PRADEEP SOLANKI
Author: PRADEEP SOLANKI

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