ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव पर ईरानी राजदूत का बड़ा बयान, बोले—यह सिर्फ युद्ध नहीं, ‘सत्य और असत्य’ की लड़ाई

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने देश पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की निंदा करते हुए इसे केवल क्षेत्रीय विवाद नहीं बल्कि मूल्यों और विचारधाराओं की टकराहट बताया है। दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान फथाली ने कहा कि मौजूदा स्थिति सिर्फ राजनीतिक या सैन्य संघर्ष तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, “आज जो कुछ हो रहा है वह केवल युद्ध नहीं है, बल्कि सत्य और असत्य के बीच चल रही लड़ाई की निरंतरता है।”

‘दो विचारधाराओं की लड़ाई’

ईरानी राजदूत ने इस संघर्ष को दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच टकराव बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ मानव गरिमा, न्याय और देशों के स्वतंत्र रूप से जीने के अधिकार की बात है, जबकि दूसरी तरफ दमन, अन्याय और वर्चस्व की मानसिकता है। फथाली ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई केवल ईरान के खिलाफ नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ भी है।

अमेरिका और इजरायल पर लगाया गंभीर आरोप

फथाली ने कहा, “अमेरिका और इजरायली शासन द्वारा ईरान के खिलाफ की गई क्रूर सैन्य आक्रामकता इस अन्याय का स्पष्ट उदाहरण है। यह हमला सिर्फ ईरान के खिलाफ नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून, मानव गरिमा और राष्ट्रों के अपने भविष्य तय करने के अधिकार के खिलाफ भी है।”

‘जीत या शहादत, पीछे नहीं हटेंगे’

ईरानी राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की जनता और नेतृत्व सैन्य दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ईरान इस संघर्ष में पीछे नहीं हटेगा। उनके शब्दों में, “ईरान के लोग साफ घोषणा करते हैं कि इस रास्ते पर हम या तो जीत हासिल करेंगे या शहादत पाएंगे। हमारे लिए दोनों ही सम्मान और गर्व की बात हैं।”

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ा विवाद

ईरान की ओर से यह तीखी प्रतिक्रिया उस समय सामने आई है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा था कि अमेरिका और उसके सहयोगी, खासकर Israel, तभी किसी समझौते पर विचार करेंगे जब ईरान का मौजूदा नेतृत्व बिना शर्त आत्मसमर्पण करे। ट्रंप ने यह भी कहा था कि आत्मसमर्पण के बाद अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान को फिर से मजबूत बनाने में मदद करेंगे।

क्षेत्र में बढ़ा तनाव

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की खबर सामने आई थी, जिसके बाद मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो यह तनाव पूरे क्षेत्र में बड़े भू-राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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