भीलवाड़ा। राजस्थान का भीलवाड़ा जिला मंगलवार को एक ऐसी घटना का गवाह बना जिसने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की हालत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रायला कस्बे की जनता कॉलोनी स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक पुराना कमरा अचानक ढह गया। हादसे के समय स्कूल में 73 बच्चे मौजूद थे, लेकिन गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई।
अचानक आई जोरदार आवाज
मंगलवार को जब बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे, तभी स्कूल के एक जर्जर कमरे की छत और दीवारें भरभराकर गिर गईं। तेज आवाज सुनते ही बच्चे और शिक्षक घबरा गए। आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और कुछ देर तक स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
पहले से बंद और सील था कमरा
प्रधानाध्यापक ने बताया कि हादसे वाला कमरा स्कूल के एक कोने में था और पहले से ही निरीक्षण के बाद लॉक और सील कर दिया गया था। इस वजह से बच्चे उस कमरे में नहीं जाते थे। इसी सावधानी ने एक बड़े हादसे को टलने से बचा लिया।
‘कई बार दी थी सूचना, नहीं हुआ स्थायी समाधान’
प्रधानाध्यापक ने बताया कि यह कमरा लंबे समय से जर्जर था और इसके पीछे बरसों से पानी जमा रहता था, जिससे दीवारों की नींव कमजोर हो गई थी। इस समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आखिरकार मंगलवार को यह कमरा गिर गया। फिलहाल ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है।

Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।