जयपुर। राजस्थान की राजनीति में सोमवार को कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के बयान ने नई बहस छेड़ दी। विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री मीणा ने कहा कि सरकार धर्मांतरण के खिलाफ विधेयक ला रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि जो भी SC-ST वर्ग के लोग धर्म परिवर्तन कर रहे हैं, उनका आरक्षण समाप्त कर देना चाहिए। मीणा ने कहा— “चाहे कोई खुशी से धर्म बदल रहा हो या फिर दबाव में, ऐसे लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण की घटनाएं हो रही हैं। यह उचित नहीं है कि एक तरफ आप आरक्षण का लाभ उठाएं और दूसरी तरफ विदेशी सहायता भी लें।”
SI भर्ती रद्द मामले पर प्रतिक्रिया
कृषि मंत्री ने हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा रद्द की गई SI भर्ती परीक्षा 2021 पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “यह सच है कि जिन युवाओं ने मेहनत कर परीक्षा पास की थी, उनका समय खराब हुआ है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार अगर एक भी अभ्यर्थी गलत तरीके से चयनित होता है तो पूरी भर्ती रद्द मानी जाती है।” मीणा ने आगे कहा कि भर्ती दोबारा होनी चाहिए, ताकि मेहनती युवाओं को मौका मिल सके। उन्होंने युवाओं को मेहनत जारी रखने की नसीहत देते हुए कहा— “पहले भी पास हुए थे, इस बार भी मेहनत कर सफल होंगे।”
राजनीतिक असर
धर्मांतरण और आरक्षण पर दिए गए मंत्री मीणा के बयान से विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका मिल सकता है। वहीं, SI भर्ती मामले में सरकार की चुप्पी और मंत्री का यह कहना कि “अब कोर्ट के आदेश का पालन करना ही होगा” ने चयनित अभ्यर्थियों की नाराजगी और बढ़ा दी है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







