नरेश मीणा की जान को खतरा, मुख्यमंत्री को दिलाया वादे का याद, कहा- “CM को निभाना चाहिए अपना वादा”

वली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान चर्चित थप्पड़ कांड में आरोपी निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा की सोमवार को टोंक SC-ST कोर्ट में पेशी हुई। हालांकि चार्ज बहस नहीं हो सकी और कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 9 मई निर्धारित की है। कोर्ट की कार्यवाही पूरी होने के बाद नरेश मीणा को कड़ी सुरक्षा के बीच बूंदी जेल ले जाया गया। कोर्ट से बाहर निकलते समय मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री से किए गए वादे को याद दिलाया।

“मुख्यमंत्री ने 23 मार्च को छुड़वाने की बात कही थी”

मीणा ने कहा, “मुख्यमंत्री ने जो वादा किया था, उसे निभाना चाहिए। 23 मार्च को छुड़वाने की बात कही थी। टोंक जेल में हथियार थे और मुझे जान का खतरा था, इसलिए मुझे वहां से बूंदी जेल शिफ्ट किया गया।” उन्होंने टोंक जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुद की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। नरेश मीणा के समर्थकों का कहना है कि अगर 9 मई तक उन्हें जमानत नहीं मिलती है, तो 15 मई को जयपुर शहीद स्मारक पर आंदोलन किया जाएगा।

क्यों नहीं हो सकी चार्ज बहस?

दरअसल, मामला SC-ST कोर्ट में ट्रांसफर हुआ है और नए जज ने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है। इस कारण, मीणा के खिलाफ नगरफोर्ट थाने में दर्ज केस नंबर 166 (SDM को थप्पड़ मारने का मामला) और केस नंबर 167 (आगजनी व तोड़फोड़ का मामला) में चार्ज बहस नहीं हो सकी।

मामला क्या है?

यह पूरा मामला 13 नवंबर 2024 को समरावता में SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मारने की घटना से जुड़ा है। इस पर नरेश मीणा के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया, जिसमें जानलेवा हमले की धारा भी शामिल है। इस मामले में 23 अप्रैल को एक बार चार्ज बहस पूरी हो चुकी है, लेकिन नए कोर्ट में फिर से प्रक्रिया शुरू हो रही है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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