जयपुर। राजस्थान में राइट टू हेल्थ एक्ट को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है। गुरुवार को विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि यह कानून पिछली कांग्रेस सरकार चुनावी फायदे के लिए अपने कार्यकाल के अंत में लेकर आई थी और इसकी जरूरत नहीं थी। मंत्री के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे निंदनीय बताया।
गहलोत बोले—गरीबों के जख्मों पर नमक
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मंत्री का बयान न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि बढ़ते मेडिकल खर्च से परेशान गरीब और मध्यम वर्ग के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने चिरंजीवी योजना और निरोगी राजस्थान जैसी यूनिवर्सल हेल्थकेयर योजनाओं के बावजूद राइट टू हेल्थ की परिकल्पना इसलिए की थी ताकि आपातकाल में कोई मरीज इलाज से वंचित न रहे।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार राइट टू हेल्थ के नियम बनाने में विफल रही है और अब बहानेबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता देख रही है कि जहां कांग्रेस सरकार लोगों को महंगे इलाज के खर्च से राहत देना चाहती थी, वहीं भाजपा सरकार मेडिकल लॉबी के सामने झुककर इस कानून को ही गलत बता रही है।
विधानसभा में हंगामा
इस मुद्दे पर विधानसभा में उस समय हंगामा हो गया जब कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने राइट टू हेल्थ कानून के नियम लागू करने को लेकर सवाल उठाया। मंत्री खींवसर ने जवाब में कहा कि आचार संहिता से ठीक पहले यह कानून लाया गया था और इसमें सभी की राय नहीं ली गई थी। इस दौरान पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के टोके जाने पर नोकझोंक हुई और कांग्रेस विधायकों ने वेल में आकर विरोध प्रदर्शन किया।
सरकार का पक्ष
मंत्री ने कहा कि “मां योजना” के तहत लोगों को सभी प्रकार का मुफ्त इलाज मिल रहा है, इसलिए अलग से राइट टू हेल्थ कानून की जरूरत नहीं है। हालांकि विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट रुख बताने की मांग की है कि वह इस कानून को लागू करेगी या नहीं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







