UPI ट्रांजेक्शन पर RBI का बड़ा प्लान: 10,000 से ज्यादा के भुगतान पर लगेगा 1 घंटे का ‘होल्ड’, जानें क्या है ‘कूलिंग पीरियड’

अगर आप भी झटपट यूपीआई (UPI) पेमेंट करने के आदी हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। देश में तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड और डिजिटल ठगी पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक क्रांतिकारी बदलाव पर विचार कर रहा है। नए प्रस्ताव के तहत, 10,000 रुपये से अधिक के डिजिटल ट्रांजेक्शन पर 1 घंटे का ‘कूलिंग पीरियड’ लागू किया जा सकता है।

क्या है ‘कूलिंग पीरियड’ का नया नियम?

इस नई योजना के अनुसार, यदि कोई यूजर UPI, IMPS या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से किसी नए व्यक्ति (पहली बार ट्रांजेक्शन) को 10,000 रुपये से ज्यादा की रकम भेजता है, तो वह पैसा तुरंत क्रेडिट नहीं होगा। इसके लिए प्राप्तकर्ता (Receiver) को कम से कम एक घंटे का इंतजार करना पड़ सकता है। आरबीआई ने इस प्रस्ताव पर 8 मई 2026 तक जनता और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।

क्यों पड़ी इस सख्त नियम की जरूरत?

डिजिटल इंडिया के दौर में ठगी के आंकड़े बेहद डरावने हैं:

  • फ्रॉड में भारी उछाल: साल 2021 में डिजिटल फ्रॉड के मामले जहाँ महज 551 करोड़ रुपये के थे, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 22,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है।

  • बड़ी रकम पर निशाना: आंकड़ों के मुताबिक, 10,000 रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन कुल फ्रॉड वैल्यू का 98 प्रतिशत हिस्सा कवर करते हैं।

  • साइबर अरेस्ट और धमकी: डरा-धमकाकर या ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाने वाले गिरोहों को इस 1 घंटे के ब्रेक से रोका जा सकेगा।

कैसे मिलेगी फ्रॉड से सुरक्षा?

विशेषज्ञों का मानना है कि 1 घंटे का समय पीड़ित को यह सोचने का मौका देगा कि क्या वह सही व्यक्ति को पैसे भेज रहा है। यदि किसी ने धोखे से ट्रांजेक्शन करवा भी लिया, तो पीड़ित के पास उस ट्रांजेक्शन को रद्द (Cancel) करने या बैंक को सूचित करने का पर्याप्त समय होगा।

आम आदमी पर क्या होगा असर?

हालांकि यह नियम सुरक्षा के लिहाज से शानदार है, लेकिन आपातकालीन स्थितियों (Emergency) में जहाँ तुरंत पैसों की जरूरत होती है, वहां यह नियम परेशानी का सबब भी बन सकता है। इसीलिए आरबीआई 10,000 रुपये की सीमा तय करने पर विचार कर रहा है ताकि छोटे और रोजमर्रा के भुगतान (जैसे सब्जी, किराने का सामान) प्रभावित न हों।

आर्टिकल के लिए दिलचस्प टाइटल्स:
  1. “UPI पेमेंट में लगेगा ‘ब्रेक’: 10,000 से ऊपर के ट्रांजेक्शन के लिए करना होगा 1 घंटे इंतजार, RBI का नया प्लान।”

  2. “डिजिटल ठगों की खैर नहीं! RBI ला रहा है ‘कूलिंग पीरियड’ नियम, 98% फ्रॉड पर लगेगी लगाम।”

  3. “बड़ी खबर: 8 मई के बाद बदल सकते हैं UPI के नियम, जानें क्या है RBI का 1 घंटे वाला सुरक्षा चक्र।”

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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