Delhi Excise Policy Case से जुड़े सीबीआई मामले में बड़ी राहत देते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपितों को बरी कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष साजिश या आपराधिक मंशा का ठोस आधार पेश करने में विफल रहा और जांच की कहानी अनुमान व अटकलों पर आधारित थी।
कोर्ट से बाहर आते ही छलक पड़े जज्बात
फैसला सुनाए जाने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर का माहौल भावुक हो उठा। केजरीवाल और सिसोदिया ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। चेहरों पर राहत साफ दिख रही थी और आवाज में भावनाओं की कंपन भी महसूस की जा सकती थी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए, जबकि समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी जताई।
घर पहुंचे तो परिवार ने बाहों में भर लिया
कोर्ट से निकलकर जब केजरीवाल अपने आवास पहुंचे तो परिवार के सदस्य पहले से ही इंतजार में खड़े थे। पत्नी से गले मिलते ही उनकी आंखें नम हो गईं। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी उन्हें गले लगाकर स्वागत किया। घर के बाहर का दृश्य खुशी, राहत और भावुकता से भरा हुआ था। इसी तरह सिसोदिया भी अपने परिवार से मिलकर भावुक नजर आए। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद मिली राहत ने दोनों नेताओं और उनके परिवारों के लिए यह पल खास बना दिया।
‘सत्यमेव जयते’—केजरीवाल का संदेश
घर पहुंचने के बाद केजरीवाल ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर लिखा, “आखिर में अधर्म और अन्याय हारता है और सच ही जीतता है। सत्यमेव जयते।” उनके इस संदेश को समर्थकों ने तेजी से साझा किया।
क्या थी आबकारी नीति 2021-22?
दिल्ली सरकार ने नवंबर 2021 में आबकारी नीति में बदलाव कर शराब की खुदरा बिक्री का निजीकरण किया था। सरकार का तर्क था कि इससे राजस्व बढ़ेगा और अवैध बिक्री पर रोक लगेगी। नई नीति के तहत सभी 272 वार्डों में कम से कम दो दुकानों का प्रावधान किया गया था और राजस्व लक्ष्य लगभग 10,000 करोड़ रुपये रखा गया था।
क्या थे आरोप?
सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया था कि नीति में संशोधन के दौरान अनियमितताएं हुईं, लाइसेंसधारकों को अनुचित लाभ दिया गया और कुछ शुल्कों में छूट से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। उपराज्यपाल की सिफारिश पर मामला दर्ज हुआ था और बाद में जांच आगे बढ़ी। हालांकि अदालत ने अब स्पष्ट कर दिया है कि प्रस्तुत साक्ष्य आपराधिक साजिश साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है, जबकि आम आदमी पार्टी इसे “सच्चाई की जीत” बता रही है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






