राजस्थान न्यूज: बाड़मेर पोस्टर कांड में बड़ा खुलासा, कांग्रेस नेता मेवाराम जैन के खिलाफ सात आरोपी नामजद — ठेकेदार और जिला पार्षद शामिल

बाड़मेर। राजस्थान के बाड़मेर जिले में पूर्व विधायक मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी के बाद लगाए गए आपत्तिजनक पोस्टरों के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने इस बहुचर्चित प्रकरण में सात आरोपियों को नामजद किया है, जिनमें एक जिला पार्षद, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और रिफाइनरी ठेकेदार शामिल है। बाड़मेर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि इस पूरे मामले में बालोतरा की ‘न्यू मारवाड़ प्रिंटिंग प्रेस’ से पोस्टर छपवाए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

 पोस्टर कांड का पूरा घटनाक्रम

कांग्रेस से निष्कासित किए गए पूर्व विधायक मेवाराम जैन को हाल ही में पार्टी में वापसी की अनुमति मिली थी। 22 सितंबर 2025 को दिल्ली में उनकी औपचारिक वापसी हुई, जिसकी खबर 25 सितंबर को वायरल हो गई। इसके बाद, उनके बाड़मेर लौटने से पहले बालोतरा और बाड़मेर शहर में कई स्थानों पर आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों पर लिखा था — “बलात्कारी हमें मंजूर नहीं, बहनों का अपमान नहीं सहेगी बाड़मेर की कांग्रेस।”

पोस्टरों पर बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर जिला कांग्रेस कमेटी के नाम छपे थे, जिससे भ्रम फैल गया कि विरोध पार्टी के भीतर से ही हो रहा है। बाद में तीनों जिला इकाइयों ने बयान जारी कर इन पोस्टरों से पल्ला झाड़ लिया और इसे साजिश करार दिया।

 पुलिस की कार्रवाई और नामजद आरोपी

पुलिस ने जिन सात लोगों को नामजद किया है, उनमें खेराजराम हुड्डा, अशोक कुमार, नारायण, जसराज, गिरधारीलाल, श्रवण कुमार (परेऊ) और अशोक लुणवा शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि पोस्टर चिपकाने में उपयोग किए गए वाहनों के माध्यम से ही आरोपियों की पहचान हुई। इनमें से एक आरोपी बालोतरा का जिला पार्षद, एक पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और एक रिफाइनरी ठेकेदार बताया जा रहा है। एसपी मीणा के अनुसार, “आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।”

 विवादित अतीत और कांग्रेस में वापसी

मेवाराम जैन 2008 से 2023 तक तीन बार विधायक रहे हैं। 2023 में एक कथित अश्लील सीडी प्रकरण और दुष्कर्म केस में फंसे थे, जिसके चलते उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था। हालांकि, राजस्थान हाईकोर्ट ने बाद में उन्हें क्लीन चिट दे दी। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के हस्तक्षेप के बाद जैन की पार्टी में वापसी हुई।

 अंदरूनी विरोध और सियासी साजिश के आरोप

कांग्रेस के भीतर इस वापसी को लेकर विरोध भी सामने आया। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने मेवाराम जैन की वापसी का खुला विरोध किया और कहा कि वह “चरित्रहीन लोगों” के साथ मंच साझा नहीं करेंगे। चौधरी सहित कई नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर वापसी का विरोध दर्ज कराया। पुलिस जांच में अब यह भी संभावना जताई जा रही है कि पोस्टर कांड के पीछे सियासी प्रतिद्वंद्विता या अंदरूनी गुटबाजी हो सकती है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस साजिश के असली मास्टरमाइंड का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, बाड़मेर और बालोतरा में यह मामला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment