राजस्थान विधानसभा में छह दिन की राजनीतिक रस्साकशी, जनता के मुद्दे गायब

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बीते छह दिन राजनीतिक जिद और टकराव की भेंट चढ़ गए। जिस सदन में जनता के बुनियादी मुद्दों—सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा—पर चर्चा होनी चाहिए थी, वहां सिर्फ नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप गूंजते रहे। इस गतिरोध के कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

सदन में गतिरोध की शुरुआत तब हुई जब विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के छह विधायकों को निलंबित कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार (21 फरवरी) की रात से ही विधानसभा परिसर में धरना दे दिया। कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर रातें गुजारीं, जबकि कई नेता बाहर प्रदर्शन करते रहे। भजन, नारेबाजी और बिसलेरी की बोतलों के साथ कांग्रेस ने सरकार और स्पीकर के खिलाफ मोर्चा खोला।

सरकार और विपक्ष की जिद

सरकार का कहना था कि निलंबित विधायकों को माफी मांगनी चाहिए, जबकि कांग्रेस की मांग थी कि मंत्री अविनाश गहलोत अपनी विवादित टिप्पणी वापस लें, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत इंदिरा गांधी को ‘दादी’ कहा था। दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर अड़े रहे, जिससे गतिरोध खत्म होने का कोई रास्ता नहीं दिखा।

हालांकि, इस बीच कुछ मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों के बीच बातचीत की कोशिशें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

छह दिन बाद गतिरोध समाप्त

आखिरकार छह दिन बाद गतिरोध तब खत्म हुआ जब कांग्रेस के छह विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया गया और मंत्री की टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दिया गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया।

जनता के मुद्दे क्यों रहे हाशिए पर?

बड़ा सवाल यह है कि इन छह दिनों में जनता के मुद्दों पर चर्चा क्यों नहीं हुई? यदि सरकार और विपक्ष पहले ही सहमति बना लेते, तो जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर बहस संभव होती। विधानसभा का कीमती समय और संसाधन बर्बाद होने से बच सकते थे।

आगे सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में विधानसभा को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, या फिर राजनीतिक खींचतान का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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