कोटा, 30 सितंबर 2025: राजस्थान के कोटा शहर में आयोजित हो रहे 132वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में इस बार इतिहास रचने की तैयारी हो चुकी है। यहां कारीगरों ने चार महीने की मेहनत के बाद दुनिया का सबसे बड़ा 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया है, जिसे सोमवार को क्रेन की मदद से खड़ा किया गया।
खासियतें:
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25 फीट का चेहरा, जिसका वजन लगभग 300 किलो (तीन क्विंटल) है, और इसे फाइबर ग्लास से तैयार किया गया है।
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60 फीट का मुकुट जिसमें रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स सजाई गई हैं।
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50 फीट लंबी तलवार और 40 फीट की विशाल जूतियां पुतले को भव्यता प्रदान कर रही हैं।
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पुतले में 25 रिमोट कंट्रोल पॉइंट्स फिट किए गए हैं, जिससे दहन के दौरान शानदार दृश्य दिखाई देंगे।
बदलना पड़ा दहन स्थल
पुतले की ऊंचाई और वजन को देखते हुए इस बार मेला प्रशासन ने दहन स्थल को विजयश्री रंगमंच से बदलकर मैदान के पूर्वी हिस्से में किया। यहां 26×24 फीट का आरसीसी का मजबूत फाउंडेशन बनाया गया। इसमें आठ स्टील जैक वाली रोड्स और आठ लोहे की रस्सियों से पुतले को सपोर्ट दिया गया।
देखने वालों की उमड़ी भीड़
क्रेन की मदद से जब पुतला खड़ा किया गया तो आसपास की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई। लोग रुक-रुककर दूर से पुतले को निहारते रहे और सेल्फियां लेने लगे। पुतला देखने में पहले से अधिक स्लिम और रौबदार नजर आ रहा है, चेहरे पर बड़ी मूंछें और मुकुट पर दमकती लाइटें इसे और भी आकर्षक बना रही हैं।
तकनीक और मेहनत का कमाल
इस पुतले को खड़ा करने में 220 टन और 100 टन की हाइड्रोलिक क्रेन का इस्तेमाल हुआ। पेडस्टल पर फिश प्लेट और 8 नट चूड़ियों की मदद से इसे मजबूती दी गई। कोटा का यह विशाल रावण दशहरा 2025 को ऐतिहासिक बना रहा है और दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बन गया है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







