पश्चिम एशिया से एक तरफ शांति की खबर आई है, तो दूसरी तरफ बारूदी धमाकों ने दुनिया को फिर से दहला दिया है। बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक रूप से युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा कर दी गई, जिसके तहत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को खोलने पर सहमति बनी है। हालांकि, इस शांति समझौते के चंद घंटों के भीतर ही इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर अब तक का सबसे भीषण हमला कर तबाही मचा दी है।
10 मिनट में 100 ठिकाने तबाह: इजरायल का ‘ऑपरेशन लेबनान’
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ 2 मार्च से शुरू हुए सैन्य अभियान का सबसे बड़ा हमला किया है। महज 10 मिनट के भीतर इजरायली लड़ाकू विमानों ने एक साथ: बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान में 100 से अधिक कमान केंद्रों को निशाना बनाया। इजरायल के अनुसार, नष्ट किया गया अधिकांश बुनियादी ढांचा नागरिक आबादी वाले क्षेत्रों के बीच स्थित था, जिसे हिजबुल्लाह ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा था।
लेबनान में हाहाकार: सैकड़ों मौतें और भारी तबाही
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री रकन नासेरेद्दीन ने मीडिया को बताया कि इन ताजा हमलों में सैकड़ों लोगों की जान चली गई है, जबकि घायलों की संख्या हजारों में हो सकती है। अस्पताल घायलों से भरे हुए हैं और मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का काम जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय जल्द ही हताहतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी करेगा।
इजरायली सेना की दोटूक: “समझौता नहीं, हमला जारी रहेगा”
अमेरिका-ईरान सीजफायर के बावजूद इजरायल ने हिजबुल्लाह के प्रति अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। इजरायल के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने स्पष्ट चेतावनी दी: “हम आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह पर बिना रुके हमले जारी रखेंगे। उत्तरी इजरायल के निवासियों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। हम दुश्मन को खत्म करने के हर अवसर का लाभ उठाएंगे।”
ईरान का परमाणु सपना खत्म? अमेरिकी विदेश मंत्री का बड़ा बयान
इस ऐतिहासिक समझौते पर अमेरिकी विदेश मंत्री पीट हेगसेथ ने तेहरान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के नए शासन ने यह समझ लिया था कि समझौता करना ही उनके अस्तित्व को बचाने का एकमात्र रास्ता है।
हेगसेथ ने कहा, “हालिया अमेरिका-इजरायल हमलों में कई वरिष्ठ ईरानी नेताओं के मारे जाने के बाद इस शासन के पास कोई विकल्प नहीं बचा था। इस समझौते का सीधा मतलब यह है कि ईरान अब कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख पाएगा।” होर्मुज स्ट्रेट खुलने से वैश्विक तेल आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राहत देखी जा रही है। लेकिन लेबनान में इजरायल की आक्रामक कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि पश्चिम एशिया में पूर्ण शांति अभी कोसों दूर है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








