West Bengal Assembly Elections 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य की 294 विधानसभा सीटों के लिए दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल और दूसरे चरण की 29 अप्रैल को होगी। इसी बीच सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress ने 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इस बार उम्मीदवारों के चयन में बड़ा प्रयोग किया है। पार्टी ने 52 महिला उम्मीदवारों को टिकट देकर महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की कोशिश की है, जो चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
74 विधायकों के टिकट काटे
टीएमसी की सूची में बड़े बदलाव भी देखने को मिले हैं। पार्टी ने एंटी-इनकंबेंसी के चलते 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। जिन नेताओं को टिकट नहीं मिला उनमें मनोज तिवारी, विवेक गुप्ता, सावित्री मित्रा, रत्ना डे नाग, परेश पाल और कंचन मलिक जैसे नाम शामिल हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह फैसला जमीनी फीडबैक और कई क्षेत्रों में सत्ता विरोधी लहर की आशंका को देखते हुए लिया गया है।
भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी ममता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से चुनावी मैदान में उतरेंगी। इस सीट पर उनका मुकाबला बीजेपी नेता Suvendu Adhikari से होने की संभावना है। गौरतलब है कि 2021 में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था, जिससे इस बार मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
भवानीपुर सीट पर खास नजर
भवानीपुर इस बार सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गई है। यहां मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि 2021 में ममता बनर्जी ने इस सीट पर 58 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन हाल के लोकसभा चुनावों में कुछ वार्डों में बीजेपी की बढ़त ने मुकाबले को कड़ा बना दिया है।
प्रमुख उम्मीदवारों पर भरोसा बरकरार
टीएमसी ने कई प्रमुख नेताओं पर फिर से भरोसा जताया है। ज्योतिप्रिय मलिक को हाबड़ा, ब्रात्य बसु को दमदम और सुजीत बोस को बिधाननगर से टिकट दिया गया है। वहीं प्रवक्ता कुणाल घोष को पहली बार बेलगछिया से चुनाव मैदान में उतारा गया है।
निष्कर्ष
टीएमसी की यह सूची साफ संकेत देती है कि पार्टी इस बार बदलाव और संतुलन के साथ चुनावी मैदान में उतर रही है। महिलाओं को ज्यादा अवसर देना और एंटी-इनकंबेंसी से निपटने के लिए बड़े स्तर पर टिकट काटना, दोनों ही रणनीतियां चुनाव परिणामों पर बड़ा असर डाल सकती हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







