भारतीय क्रिकेट के दिग्गज ऑलराउंडर Yuvraj Singh ने अपने संन्यास को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। युवराज ने बताया कि उनके करियर के आखिरी दौर में उन्हें टीम मैनेजमेंट की तरफ से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और आखिरकार सच्चाई उन्हें MS Dhoni के एक फोन कॉल से पता चली।
युवराज सिंह ने एक पॉडकास्ट में कहा कि जब वह टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे, तब किसी ने उनसे सीधे बातचीत नहीं की। उन्होंने बताया कि उस समय टीम के पूर्व कप्तान धोनी ने उन्हें फोन कर साफ शब्दों में कहा कि चयनकर्ता अब उन्हें टीम की योजना का हिस्सा नहीं मान रहे हैं। युवी के मुताबिक, धोनी कप्तान नहीं थे, फिर भी उन्होंने सच्चाई बताने का साहस दिखाया।
इस दौरान युवराज ने Virat Kohli और तत्कालीन कोच Ravi Shastri पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो बात कप्तान और कोच को उन्हें बतानी चाहिए थी, वह उन्हें कभी नहीं बताई गई। “मैंने देश के लिए इतना क्रिकेट खेला, कम से कम मुझे इज्जत और साफ बात तो मिलनी चाहिए थी,” युवराज ने कहा। युवराज ने यह भी खुलासा किया कि टीम मैनेजमेंट फिटनेस के नाम पर उन पर संन्यास लेने का दबाव बना रहा था। उन्होंने बताया कि उन्हें यो-यो टेस्ट पास करने की शर्त दी गई थी और कहा गया था कि अगर वह इसमें फेल होते हैं, तो उन्हें क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। इस पर युवराज ने साफ कहा कि संन्यास लेना उनका व्यक्तिगत फैसला होगा, किसी दबाव में नहीं लिया जाएगा। इस बयान के बाद क्रिकेट फैंस के बीच बहस तेज हो गई है। जहां कुछ लोग युवराज के समर्थन में हैं, वहीं कुछ का मानना है कि टीम मैनेजमेंट के फैसले उस समय की रणनीति के हिसाब से लिए गए होंगे। युवराज सिंह का यह खुलासा एक बार फिर यह दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के करियर के आखिरी दौर में पारदर्शिता और संवाद कितना महत्वपूर्ण होता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








