पहलगाम, जम्मू-कश्मीर — मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में हुए भयावह आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली गई, जिसके बाद देशभर में गुस्से की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं, जो इस हमले के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं।
घटना का खौफनाक मंजर हमले की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आतंकियों ने अमेरिकी एम4 कार्बाइन और एके-47 जैसे घातक हथियारों से पर्यटकों को निशाना बनाया। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने पहले महिलाओं और बच्चों को अलग किया, फिर पुरुषों की पहचान पूछकर उन्हें बेहद नजदीक से गोली मारी और फिर अंधाधुंध फायरिंग की। घटनास्थल से 50 से अधिक कारतूस बरामद हुए हैं।
जारी हुई आतंकियों की फोटो और स्केच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी की गई तस्वीरों में पाकिस्तानी आतंकी सुलेमान शाह और अबू तल्हा की पहचान की गई है। दोनों कुख्यात आतंकी असीम मुनीर के निर्देश पर काम कर रहे थे। तीसरा आतंकी जुनैद, जो स्थानीय निवासी था, पहले ही एक मुठभेड़ में मारा जा चुका है। एक फोटो में आतंकी AK-47 लिए हुए कुर्ता-पायजामा में नजर आ रहा है।
घाटी में हाई अलर्ट, तलाशी अभियान जारी हमले में सात आतंकी शामिल थे, जिनमें से चार ने प्रत्यक्ष रूप से हमला किया जबकि तीन बैकअप में थे। तीन के स्केच जारी कर दिए गए हैं और घाटी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सेना, CRPF और स्थानीय पुलिस संयुक्त तलाशी अभियान चला रही हैं।
एनआईए की टीम जांच में जुटी हमले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक उच्च स्तरीय टीम घटनास्थल पर पहुंची। गृह मंत्रालय ने संकेत दिया है कि हमले की जांच अब औपचारिक रूप से एनआईए को सौंपी जा सकती है। शुरुआती जांच में पाकिस्तान से आए आतंकियों की संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर की पहचान पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों में से एक आदिल नाम का युवक स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर था, जो हाल ही में पाकिस्तान से लौटकर आया था। स्थानीय निवासियों ने उसे हमले से पहले क्षेत्र में देखा था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और जनाक्रोश हमले के बाद पूरे देश में गुस्सा फूट पड़ा है। पहलगाम में लोगों ने सड़कों पर उतरकर “पाकिस्तान होश में आओ” जैसे नारे लगाए। भाजपा नेताओं ने इस हमले के जवाब में कड़ा रुख अपनाने की मांग की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हमले के अगले ही दिन कश्मीर पहुंचकर बैसरन क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।
निष्कर्ष यह हमला केवल एक आतंकी कार्रवाई नहीं बल्कि देश की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा पर सीधा हमला है। देश की सुरक्षा एजेंसियां हरसंभव प्रयास कर रही हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ कर कड़ी सजा दी जाए। इस बीच, आम जनता से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







