अमेरिका-चीन ट्रेड वार्ता में अहम मोड़: ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और वाइस प्रीमियर हे लीफेंग की आज बातचीत, बढ़े तनाव के बीच उम्मीदों की किरण

वॉशिंगटन/बीजिंग: अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव (Trade Tensions) के बीच आज एक बड़ी कूटनीतिक बातचीत होने जा रही है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) शुक्रवार को चीन के वाइस प्रीमियर हे लीफेंग (He Lifeng) से फोन पर बातचीत करेंगे। यह वार्ता ऐसे समय पर हो रही है जब दोनों देशों के बीच टैरिफ, निर्यात नियंत्रण और सप्लाई चेन को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। यह कॉल ट्रंप प्रशासन और चीन सरकार के बीच पहली सीधी बातचीत मानी जा रही है, जो आने वाले महीनों की ट्रेड स्ट्रैटेजी को दिशा दे सकती है।

 नई दौर की ट्रेड वार्ता का हिस्सा

एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह चर्चा अमेरिका-चीन के बीच चल रही नई दौर की ट्रेड वार्ता का अहम हिस्सा है। हालांकि, अभी तक बातचीत का एजेंडा और समय सार्वजनिक नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह वार्ता आगामी ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक की तैयारियों का हिस्सा हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह एलान किया था कि वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। इस ऐलान के बाद वॉल स्ट्रीट फ्यूचर मार्केट्स में रिकवरी दर्ज की गई थी।

 दोनों देशों के बीच सख्त आर्थिक कदम

यह कॉल ऐसे समय में हो रही है जब ट्रंप प्रशासन ने चीन के खिलाफ कई टैरिफ बढ़ोतरी की हैं। अमेरिका ने इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो, स्टील और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए हैं। जवाब में चीन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो वह “प्रतिकारात्मक कदम” उठाएगा। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह संवाद बढ़ते तनाव को कम करने का पहला ठोस प्रयास साबित हो सकता है।

 वॉल स्ट्रीट और वैश्विक बाजारों की नजरें इस कॉल पर

इस हाई-लेवल बातचीत का असर सिर्फ अमेरिका और चीन तक सीमित नहीं रहेगा। ग्लोबल मार्केट्स, डॉलर इंडेक्स, सोने की कीमतें (Gold Prices) और एशियाई शेयर बाजारों पर इसके प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। निवेशक किसी भी सकारात्मक संकेत या सॉफ्ट टोन की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे ट्रेड वॉर के बीच कुछ राहत मिल सके।

 ट्रंप प्रशासन की रणनीति और स्कॉट बेसेंट की भूमिका

स्कॉट बेसेंट को ट्रंप प्रशासन में “ट्रेजरी हॉक” की भूमिका में देखा जा रहा है। वे वॉल स्ट्रीट के अनुभवी निवेश प्रबंधक हैं और ट्रंप के आर्थिक नीतियों के मुख्य रणनीतिकारों में शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने बेसेंट को इसलिए नियुक्त किया है ताकि चीन जैसे देशों से “टफ बार्गेनिंग” की जा सके।

 किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

हालांकि, कॉल का आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक चर्चा में ये मुद्दे शामिल हो सकते हैं —

  • टैरिफ रिव्यू (Tariff Review)

  • मुद्रा स्थिरता (Currency Stability)

  • अमेरिकी कंपनियों के चीनी बाजार में निवेश नियम (Market Access Rules)

  • सप्लाई चेन सिक्योरिटी (Supply Chain Security)

संभावित असर: ट्रेड कोल्ड वॉर में नरमी की उम्मीद

आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर इस बातचीत के बाद कोई सकारात्मक रुख सामने आता है, तो यह अमेरिका-चीन के बीच चल रहे “ट्रेड कोल्ड वॉर” में तनाव कम करने (De-escalation) की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है। ग्लोबल अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति को देखते हुए, यह वार्ता दुनिया भर के निवेशकों, नीति निर्माताओं और बाजार विश्लेषकों की नजरों में एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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