राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा कि कांग्रेस अब सिर्फ उन्हीं लोगों की पार्टी रहेगी जो ईमानदारी और समर्पण के साथ संगठन के लिए काम करेंगे।
डोटासरा ने अंता में आयोजित एक जनसभा में कहा, “कांग्रेस कोई नाथी का बाड़ा नहीं है कि जब मन हुआ आ गए और जब मन हुआ चले गए। पार्टी में सम्मान सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जो जनता के बीच जाकर मेहनत करेंगे।”
उनकी यह टिप्पणी उस समय आई जब अंता सीट पर कांग्रेस के भीतर असंतोष और बगावत की खबरें हैं। पूर्व विधायक नरेश मीणा टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। डोटासरा ने बिना नाम लिए ऐसे नेताओं पर हमला करते हुए कहा, “जो पार्टी के खिलाफ जाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश करेगा, उसे कांग्रेस में कोई जगह नहीं मिलेगी।”
सभा में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट भी मौजूद रहे। मंच साझा कर रहे इन नेताओं की उपस्थिति यह दिखाती है कि कांग्रेस अंता उपचुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है।
डोटासरा ने कहा कि पार्टी में अब वही नेता और कार्यकर्ता आगे बढ़ेंगे जो मेहनत करेंगे और जनता का विश्वास जीतेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं और अब वापसी चाहते हैं, उन्हें पहले मैदान में उतरकर अपनी निष्ठा साबित करनी होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डोटासरा का यह सख्त रुख कांग्रेस में अनुशासन और जवाबदेही को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम है। उन्होंने जिस तरह बागियों को चेताया और वफादार कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का संदेश दिया, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस अब अवसरवाद नहीं, संगठन की निष्ठा पर भरोसा करना चाहती है। अंता उपचुनाव कांग्रेस के लिए सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि एकजुटता और अनुशासन की परीक्षा बन गया है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








