घटना की सूचना मिलते ही नदबई थाना प्रभारी बृजेंद्र सिंह पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के कारण सड़क पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने समझाइश देकर खुलवाया। मृतकों की पहचान कुम्हेर थाना क्षेत्र के दहवा गांव निवासी नटवर (35), उसकी पत्नी पूजा (30), डेढ़ वर्षीय पुत्र दीपू और तीन वर्षीय पुत्री परी के रूप में हुई।
आतिशबाजी की जिद बनी जानलेवा
ग्रामीणों के मुताबिक, दिवाली के त्यौहार पर बच्चे आतिशबाजी खरीदने की जिद कर रहे थे। इसी कारण परिवार के चारों सदस्य बाइक पर सवार होकर ससुराल नेवारा की ओर जा रहे थे। लेकिन गांव से महज 10 किलोमीटर दूर ही यह भयावह हादसा हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। भिड़ंत के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही एसपी दिगंत आनंद और जिला कलेक्टर कमर चौधरी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
दिवाली से पहले मातम में बदला दहवा गांव
दहवा गांव में हादसे की खबर फैलते ही माहौल गमगीन हो गया। दिवाली की खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक नटवर के पिता दिनेश खेती करते हैं और छोटा भाई संजय है। बताया गया कि नटवर के पिता ने त्योहार के दिन बाहर जाने से मना किया था, लेकिन बच्चों की जिद के आगे उन्हें झुकना पड़ा। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह सैर चारों की जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








