सुजानगढ़ (चूरू), 27 अक्टूबर। शेखावाटी क्षेत्र के सुजानगढ़ कस्बे में आदिवासी समुदायों ने रविवार को एक बड़ी सभा का आयोजन कर चूरू, झुंझुनू और सीकर जिलों के आदिवासी बहुल इलाकों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। इस सभा का आयोजन नायक समुदाय के मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के लिए किया गया था, जिसमें कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आदिवासी समुदायों के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समुदायों में निरक्षरता और बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, साथ ही आदिवासियों के खिलाफ अपराध की घटनाओं में भी चिंताजनक वृद्धि देखी जा रही है। वक्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि शेखावाटी क्षेत्र के आदिवासियों को भी राजस्थान के अन्य एसटी क्षेत्रों की तरह सभी कल्याणकारी योजनाओं और अधिकारों का लाभ मिलना चाहिए।
सांसद राजकुमार रोत ने किया समर्थन
सभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल बांसवाड़ा के सांसद राजकुमार रोत ने इस मांग का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “नायक समुदाय के लोग मूल रूप से भील आदिवासी समुदाय के वंशज हैं। राजस्थान के बीकानेर, जोधपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, चूरू, नागौर, अजमेर और झुंझुनू जिलों में करीब 30-35 लाख भील नायक निवास करते हैं।”
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस समुदाय को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा प्राप्त है, लेकिन वे लंबे समय से अपनी वास्तविक आदिवासी पहचान को मान्यता दिलाकर एसटी का दर्जा पाने के लिए संघर्षरत हैं।
ऐतिहासिक दस्तावेजों की समीक्षा की मांग
सांसद रोत ने केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि आदिवासी स्थिति को लेकर मौजूदा भ्रम को दूर करने के लिए ऐतिहासिक दस्तावेजों और सबूतों की गहन समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा, “नायक समुदाय के बुजुर्ग और बुद्धिजीवी लगातार इस बात की पुष्टि करते आए हैं कि उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक जड़ें भील समुदाय से जुड़ी हैं। यह मांग दशकों पुरानी है और अब समय आ गया है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए समुदाय की वैध मांग को स्वीकार करे।”
इस सभा के माध्यम से नायक समुदाय ने सरकार के सामने अपनी मांग को और मजबूती के साथ रखा है। समुदाय के लोग उम्मीद जताते हैं कि जल्द ही उनकी आदिवासी पहचान को कानूनी मान्यता मिलेगी, जिससे उन्हें शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उचित हिस्सेदारी प्राप्त हो सकेगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








