Rajasthan High Court ने राज्य सरकार की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है, क्योंकि जर्जर स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार (मरम्मत / पुनर्निर्माण) का रोडमैप अब तक पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 5 दिसंबर तक ठोस रोडमैप नहीं मिला, तो अगली सुनवाई में शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) से उपस्थित होना होगा।
सुनवाई में कोर्ट की तीखी टिप्पणी
विशेष खंडपीठ — जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन — ने सुनाया कि सरकार प्रवासी राजस्थान समारोह और शहरों के “सौंदर्यीकरण” में खर्च करने को तत्पर है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा व स्कूलों की मरम्मत के लिए — जहां “समय की मजबूरी” है — कुछ नहीं किया जा रहा कोर्ट ने कहा कि यदि स्कूलों के लिए पैसा नहीं दिया जाएगा, तो राज्य की अन्य सरकारी गतिविधियों के खर्चे भी रोक दिए जाएंगे। जिस दिन पिछली सुनवाई हुई थी, सरकारी पक्ष की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं आया था — जिससे सरकार की गंभीरता पर सवाल उठ गए। चार महीने से सिर्फ “समय मांगने” की रणनीति चल रही है।
कोर्ट ने क्या मांगा था और क्या नहीं मिला
6 नवंबर 2025 को कोर्ट ने सभी जर्जर/बेकार स्कूल भवनों की मरम्मत या निर्माण, नए बजट, और मरम्मत के लिए एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करने को कहा था। साथ ही यह पूछा गया था कि क्या ये भवन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देश (नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट) के अनुरूप हैं या नहीं। लेकिन जो रोडमैप पेश किया गया — वह अधूरा या अस्पष्ट पाया गया। इस पर कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
आखिर क्यों मामला संवेदनशील
इस कड़ी कार्रवाई की शुरुआत हुई Piplodi school roof collapse — 25 जुलाई 2025 को राज्य के Jhalawar जिले के पिप्लोदी सरकारी स्कूल में छत गिरने से हुई दुर्घटना। इस हादसे में कम-से-कम 7 बच्चों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। उस हादसे के बाद कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और राज्य की कई स्कूल-इमारतों की हालत पर सवाल खड़े किए। 12 राज्यों के सर्वे अनुसार 22% स्कूल भवन जर्जर थे, और 31% में दीवार या छत में दरारें थीं। राज्य में 6% बजट शिक्षा के लिए आवंटित होने के बाद भी कई स्कूलों में बिजली, पानी, बाथरूम जैसी बुनियादी सुविधाएँ अनुपस्थित पाई गईं — जो कि बच्चों की सुरक्षा व पढ़ाई दोनों के लिए चिंताजनक है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








