जयपुर। जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब समाप्ति की ओर है। केंद्र सरकार के पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने जयपुर मेट्रो फेज-2 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के साथ राजधानी में मेट्रो नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी को तेज गति मिल गई है। अब यह परियोजना अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजी जाएगी।
PIB बैठक में हुआ बड़ा फैसला
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक में राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (RMRC) के एमडी वैभव गालरिया ने प्रोजेक्ट से जुड़े तकनीकी, आर्थिक और संरचनात्मक पहलुओं की विस्तृत प्रस्तुति दी। शहर में भविष्य की ट्रैफिक ज़रूरतों और शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने DPR को मंजूरी दे दी।
केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगा निर्माण
फेज-2 को काफी समय से मंजूरी का इंतजार था। अब PIB की स्वीकृति के बाद परियोजना एक कदम और आगे बढ़ चुकी है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही जयपुर में मेट्रो विस्तार का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा।
42.80 KM का विशाल कॉरिडोर – 36 स्टेशन प्रस्तावित
फेज-2 के तहत 42.80 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिसमें कुल 36 स्टेशन शामिल हैं। इनमें: 34 एलिवेटेड स्टेशन, 2 अंडरग्राउंड स्टेशन इस कॉरिडोर की कुल लागत 12,260 करोड़ रुपये अनुमानित है। पहले पैकेज में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक के निर्माण पर 1,140 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
कहां-कहां बनेंगे स्टेशन?
DPR के अनुसार प्रमुख प्रस्तावित स्टेशन: टोडी मोड, हरमाड़ा घाटी, हरमाड़ा, VKI रोड 14, VKI रोड 9, VKI रोड 5, विद्याधर नगर, सेक्टर 2, भवानी निकेतन, अंबाबाड़ी, पानीपेच, कलेक्ट्रेट, खासा कोठी सर्कल, गवर्नमेंट हॉस्टल, अशोक मार्ग, SMS हॉस्पिटल, नारायण सिंह सर्कल, रामबाग सर्कल, नेहरू पैलेस, गांधीनगर स्टेशन, गोपालपुरा, दुर्गापुरा, बीटू बायपास, पिंजरापोल, हल्दीघाटी गेट, कुंभा मार्ग, GECC, सीतापुरा, गोनेर मोड, बीलवा, सहारा सिटी और प्रहलादपुरा। इनमें से दो स्टेशन भूमिगत होंगे।
शहर के दक्षिण-पश्चिम इलाकों को मिलेगी नई लाइफलाइन
फेज-2 कॉरिडोर जयपुर के भीड़भाड़ वाले दक्षिण-पश्चिम इलाकों को नई कनेक्टिविटी देगा। इससे:
-
ट्रैफिक दबाव कम होगा
-
रोज़ाना यात्रा करने वालों का समय बचेगा
-
शहर के आवासीय, व्यावसायिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को बेहतर नेटवर्क मिलेगा
-
VKI और सीतापुरा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़कर आर्थिक विकास तेज होगा
विशेषज्ञों के अनुसार मेट्रो विस्तार के बाद आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट, व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








