भारत पर 500% टैरिफ की धमकी: ट्रंप के रुख पर भारत का दो टूक जवाब, बोले– 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा जरूरत सर्वोपरि

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी के बाद नई दिल्ली की ओर से सख्त और स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिका में रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने वाले बिल को मंजूरी मिलने के एक दिन बाद भारत सरकार ने साफ कर दिया कि वह बदलते वैश्विक हालातों के बीच अपने 1.4 अरब लोगों के लिए किफायती और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देगी।

ऊर्जा सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं

विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रस्तावित अमेरिकी बिल की जानकारी भारत को है और सरकार इस पर करीबी नजर बनाए हुए है। मंत्रालय के मुताबिक, भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह व्यावहारिक जरूरतों पर आधारित है और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न स्रोतों से सस्ती ऊर्जा हासिल करना देश की मजबूरी है। इस मामले में किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मोदी–ट्रंप के बीच 8 बार हुई बातचीत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वर्ष 2025 में अब तक आठ बार बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और टैरिफ जैसे मुद्दों पर संवाद लगातार जारी है, हालांकि कुछ मामलों में मतभेद भी सामने आए हैं।

अमेरिकी दावे को भारत ने नकारा

यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने दावा किया था कि भारत-अमेरिका एफटीए वार्ता इसलिए अटकी हुई है क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से संपर्क नहीं किया। भारत ने इस दावे को खारिज करते हुए संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर संवाद बना हुआ है।

टैरिफ धमकी के बाद सख्त रुख

ट्रंप की ओर से 500 प्रतिशत टैरिफ की धमकी को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक हितों से समझौता नहीं कर सकता। वैश्विक अस्थिरता के दौर में देश की प्राथमिकता अपने नागरिकों को सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा उपलब्ध कराना है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों पर चिंता

इसी दौरान विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर भी गंभीर चिंता जताई। मंत्रालय ने कहा कि चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों, उनके घरों और व्यवसायों पर बार-बार हमले एक चिंताजनक प्रवृत्ति को दर्शाते हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं से सख्ती से निपटना जरूरी है, अन्यथा इससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों में भय व असुरक्षा की भावना गहरी होती है। कुल मिलाकर, ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच भारत ने साफ कर दिया है कि वह दबाव की राजनीति से नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हित और जनता की जरूरतों के आधार पर फैसले करेगा।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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